माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एमडीयू में महिला सफाईकर्मियों के अंत:वस्त्र जांचने की घटना के चौथे दिन सहायक कुलसचिव श्याम सुंदर और इसी मामले में निलंबित सफाई सुपरवाइजर वितेंद्र व विनोद के खिलाफ पीजीआई थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर अभद्रता व लज्जा भंग करने के आरोप हैं।
यूनिवर्सिटी में 26 अक्तूबर को हुई इस शर्मनाक घटना पर सफाई कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। मंगलवार को सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष कृष्ण कुमार व मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने भी एमडीयू में पीड़ित महिलाओं से बात करके कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया था।
छात्र नेताओं ने भी महिलाओं को पूरा साथ देने का भरोसा दिया था। आयोग ने एफआईआर कराने के निर्देश भी दिए थे। इसी दबाव में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने मंगलवार को आंतरिक जांच कमेटी गठित करते हुए चार दिन में रिपोर्ट तलब की थी। रजिस्ट्रार कार्यालय से तहरीर भी भेजी गई थी।
यौन उत्पीड़न संबंधी कमेटी ने बुधवार को जांच भी शुरू कर दी। कमेटी पीड़ित महिला सफाई कर्मचारियों, घटना के गवाह रहे उनके साथी कर्मचारियों, अंतःवस्त्रों की जांच कराने के आरोपी सुपरवाइजरों और जांच का निर्देश देने वाले उनके आकाओं से जवाब लेगी।
अभी किसी के बयान हुए या नहीं, इस पर कमेटी ने फिलहाल कुछ बताने से इन्कार किया है। वहीं, पुलिस ने एमडीयू के सहायक कुलसचिव श्याम सुंदर, एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के तहत लगे सफाई सुपरवाइजर वितेंद्र व विनोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
रजिस्ट्रार कार्यालय से मंगलवार को दी गई तहरीर पर पीजीआई थाना प्रभारी ने कहा था कि जांच रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर लिखी जाएगी। हालांकि, बड़े आंदोलन की आशंका में बुधवार को रिपोर्ट लिखनी पड़ी। पुलिस के इसी रवैये का फायदा उठाकर निलंबित सुपरवाइजर वितेंद्र व विनोद फरार हो चुके हैं।
सफाई कर्मचारियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सहायक कुलसचिव श्याम सुंदर को भी निलंबित किया जा सकता है। मुकदमा लिखे जाने के बाद उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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मासिक धर्म की वजह से रियायत मांगने पर हुई शर्मनाक घटना
एमडीयू कैंपस की सफाई कर रहीं महिला कर्मचारियों के साथ यह शर्मनाक घटना 26 अक्तूबर को हुई थी। 25 से 27 अक्तूबर तक कैंपस में ही राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष सपत्नी ठहरे हुुए थे। इस दौरान सफाई सुपरवाइजर ने महिला कर्मचारियों को काम में तेजी लाने के लिए कहा था। जवाब में कुछ महिलाओं ने पीरियड आने की बात कहकर रियायत मांगी। इस पर सुपरवाइजर ने नाराजगी जताते हुए महिलाओं के अंतःवस्त्र जांचने के निर्देश दिए। एक महिला कर्मचारी ने महिलाओं की जांच की। सेनेटरी पैड की फोटो भी ली। इसके बाद महिला-पुरुष कर्मचारियों ने कैंपस में घंटों हंगामा किया था।
एमडीयू में महिला सफाई कर्मचारियों से अभद्रता के मामले में एमडीयू के सहायक कुलसचिव श्याम सुंदर और दो सफाई सुपरवाइजरों पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। - रोशन लाल, प्रभारी, पीजीआई थाना