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आठ जगहों पर प्रतिबंध के बावजूद पराली में लगाई आग, चार किसानों पर जुर्माना लगाया

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सोनीपत। धान की कटाई का सीजन जोरों पर है, जिले में प्रतिबंध के बावजूद अब तक सात गांवों में आठ जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। जिसमें से कृषि विभाग की ओर से चार किसानों पर 2500-2500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
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डीसी डॉ. अंशज सिंह ने बताया कि अगर कोई किसान खेत में पराली जलाता है तो हरसैक उपग्रह के माध्यम से उस स्थान का चित्र लेकर डीसी कार्यालय में भेजे जा रहे हैं। जिले में अब तक सात गांवों में आठ जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, जिनमें कुंडली, खेवड़ा, दुभेटा, सेहरी, शामड़ी बुरान, जाखौली में एक-एक और झुंडपुर में दो जगहों पर पराली जलाई गई। हरसैक उपग्रह के माध्यम से लोकेशन मिलने पर कृषि विभाग की ओर से कुंडली, खेवड़ा, सेहरी और शामड़ी बुरान में चार किसानों को नोटिस भेजकर 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
डीसी डॉ. अंशज सिंह ने बताया कि पराली जलाने से हर वर्ष धुएं की समस्या पैदा हो जाती है। किसान खेतों में पराली को आग लगाते हैं और इससे पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। पशु-पक्षी प्रभावित होते हैं और इंसानों को भी दमा और कई तरह की सांस की बीमारियों हो जाती हैं। इसके साथ ही जमीन की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो जाती है और जमीन के अंदर मौजूद मित्र कीट जलकर नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कंबाइन मशीनों में लगे स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस सिस्टम के जरिए कटाई की गई फसल बारीकी कटकर जमीन पर बिछ जाती है और बाद में एक जुताई से ही खेत की मिट्टी में मिलकर उर्वरक का काम करती है।
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