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वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु बोले, अपराधी और दोषियों को दंड मिलना जरूरी ताकि आगे न हो हिंसा

Mon, 25 Apr 2016 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु - फोटो : फाइल फोटो
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वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के दंगों में जलाए गए सेक्टर 14 स्थित सिंधु भवन में रविवार को पुनर्निर्माण यज्ञ हुआ। यहां अलग-अलग राज्यों से पहुंचे आर्य समाजियों और संतों की अगुवाई में वैदिक मंत्री के साथ यज्ञ कर कोठी को दोबारा से बनाने की नींव रखी गई। मंत्री ने कहा कि हमारा परिवार 100 वर्ष से रोहतक में रह रहा है। हमारे संयुक्त परिवार ने घर को मंदिर की तरह बनाया था।
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घर में अतिथि देवो भव: मान कर हर व्यक्ति का सम्मान करते थे। इसके बावजूद जो आपत्ति आई उसे परमात्मा की करनी माना और फिर से शुद्ध संकल्प कर इसके पुनर्निर्माण का संकल्प लिया है। समाज में कानून और मर्यादा का होना जरूरी है। जरूरी है कि दोषी और अपराधी दंडित हों, जिससे आने वाली पीढ़ियां भय और हिंसा की शिकार न हों। गलत को गलत और सही को सही कहने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। आरक्षण के आंदोलन की आड़ में जो साजिश रची गई वह समझ आती है। क्योंकि यह महज घटना नहीं है। क्योंकि पहले घर, फिर मंदिर, कार्यालय, स्कूल और प्रेस को लगातार तीन दिन तक जलाया गया। यह आपराधिक प्रवृति के लोगों का ही काम हो सकता है। 

इससे पहले, सिंधु भवन में रविवार वैदिक मंत्रों की गूंज रही। यहां पुनर्निर्माण यज्ञ में राजनेताओं, आर्य समाजी, साधु समाज, खाप प्रतिनिधि और आम जन ने मिलकर आहुति डाली। मित्रस्य चक्षुषा समीक्षामहे अर्थात हम सब एक दूसरे को मित्र की दृष्टि से देखें। इसी आधार पर पुनर्निर्माण शुरू किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा, दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा, विहिप के महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन और आचार्य बालकृष्ण मौजूद रहे। हवन में मुख्य यजमान वित्त मंत्री के बड़े भाई कैप्टन रूद्रसेन, वीरसेन, व्रतपाल, कैप्टन अभिमन्यु, मेजर सत्यपाल और देवसुमन सहित सभी परिजनों ने आहुति डाली।
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किसी से द्वेष और ईर्ष्या नहीं 
कैप्टन अभिमन्यु ने संबोधन में कहा कि उनके परिवार के सामने एक बड़ा संकट आया। इससे तकलीफ, पीड़ा और दुख हुआ, लेकिन किसी से द्वेष व ईर्ष्या नहीं है। मैं समाज के लिए पहले की तरह शुद्ध संकल्प लेकर काम करता रहूंगा। 

किसने क्या कहा 
पहाड़ जैसी समस्या आने पर शांत रहना धैर्य की परीक्षा है। वित्त मंत्री का परिवार इसका ज्वलंत उदाहरण है। आज भी यह परिवार दैनिक संध्या, उपासना व साधना करता है। सुचिता और पवित्रता के लिए हमें न जाने कितनी परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। यह कठिन समय भी कैप्टन के परिवार के लिए एक परीक्षा की भांति है। हम जब ऐसे समय में संकल्प लेते हैं तो विकास में बाधा और विघ्न नहीं आते। रास्ते में सभी को शक्ति और ऊर्जा से आगे बढ़ना चाहिए। 
- आचार्य बाल कृष्ण

जलजला आया था। इसने हरियाणा में काफी जान-माल का नुकसान पहुंचाया। लोगों का घर, व्यवसाय जल गए और जान की हानि हुई। घटना को देखकर 10 अक्टूबर 1999 में गांव में घटित हुई घटना की याद आ गई। इसमें मैंने अपनों को खोया था। पांडवों को अज्ञातवास के दौरान लाक्षागृह में जलाने की कोशिश की गई थी। जाट आरक्षण आंदोलन के नाम पर दंगा नहीं षड्यंत्र रचा गया। विधानसभा सत्र में कुछ लोग नहीं आए, नहीं तो उनसे पूछा जाता। बड़ी मुश्किल से मानसिक पीड़ा से उभरे हैं। अब वित्त मंत्री ने पुनर्निर्माण यज्ञ कर नई शुरुआत की है। 
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- प्रो. रामबिलास शर्मा, शिक्षा मंत्री
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