किसानों के पड़ाव में बारिश और आंधी के बाद उड़े टेंट।
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बहादुरगढ़। मंगलवार की रात आई तेज आंधी और बारिश में टीकरी बॉर्डर से जाखौदा बाईपास चौक तक के पड़ाव में कई स्थानों पर किसानों के टेंट उड़ गए और जगह-जगह पानी भर गया। बुधवार को किसान जहां टेंटों को ठीक करने में लगे रहे। वहीं पड़ाव में जमा हुए पानी को भी निकालने में जुटे रहे। दिन भर किसानों ने पड़ाव से पानी निकालने का काम किया।
तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसान पिछले साढ़े तीन माह से आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि कई बार सरकार के साथ बातचीत हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। मंगलवार की रात हुई तेज बारिश के बाद किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। किसानों ने पड़ाव में जमीन पर बिछाए गए कारपेट भी बारिश में गीले हो गए। हालांकि बुधवार को धूप तेज रही। ऐसे में गीले हुए कारपेट और टेंट जल्द सूख गए। आंधी में उखड़े टेंटों को दिन भर किसानों ने बांधने का काम किया। पड़ाव में किसानों ने जहां दिन भर झाडू़ से अपने रहने के स्थान को साफ किया। वहीं खुले में कारपेट डालकर उन्हें सुखाया गया। कई स्थानों पर तो पानी काफी ज्यादा जमा हो गया था। ऐसे में निकासी न होने के कारण पानी निकल नहीं पाया। किसानों ने न केवल डिब्बों से बाल्टियों में भरकर बल्कि बोतलों में भरकर भी पानी निकाला। किसानों का कहना है कि बारिश के खड़े पानी में अब मच्छर-मक्खियां आएंगी। इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बना रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द ही तीन कृषि कानूनों को रद्द कर दिया जाए, ताकि वे अपने घरों को वापस लौट सके।