रोहतक। खरीफ सीजन के शुरू होते ही डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) के लिए मारामारी शुरू हो गई है। किसानों को बाजारों में डीएपी के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसान डीएपी के बजाय मजबूरी में अन्य खाद खरीद रहे हैं। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 690 मीट्रिक टन डीएपी स्टॉक में उपलब्ध है।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सोमवार को नई अनाज मंडी व बाजार में डीएपी की उपलब्धता को लेकर पड़ताल की। इसमें डीएपी कहीं भी खाद नहीं मिली। विक्रेताओं का कहना है कि डीएपी अभी नहीं आई है, जबकि अन्य खाद उपलब्ध हैं।
नई अनाज मंडी स्थित खाद बिक्री केंद्र पर किसान डीएपी खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन बैरंग लौट रहे हैं। किसानों का कहना कि 15 दिन से बाजार में डीएपी के लिए भटक रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना कि अभी धान रोपाई शुरू नहीं हुई, इसलिए डीएपी की वर्तमान में आवश्यकता कम है।
बाजार में डीएपी उपलब्ध है। सरकार से और भी डीएपी आने वाला है। जब तक खेतों में धान रोपाई और बिजाई का कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक खाद की आवश्यकता नहीं है। रोपाई और पौध तैयार करने के बाद ही खाद डाली जाएगी।
- संदीप सिंह, एमडीओ, कृषि विभाग।
यह बोले किसान
धान की फसल के लिए डीएपी चाहिए। 15 दिन से बाजार व नई अनाज में चक्कर लगा रहा हूं। विक्रेताओं से पूछने पर यही कहा जा रहा है कि जल्द डीएपी आएगी। गांवों में भी डीएपी नहीं मिल रही है।
- रमेश, डीघल गांव।
माड़ौदी गांव में खेती करता हूं। धान व गन्ने के लिए भी डीएपी खरीदनी है। आए दिन डीएपी के लिए चक्का लगा रहा हूं, लेकिन, किसी भी दुकान पर नहीं मिल रही है।
- अरुण कुमार, रोहतक।
रोहतक में डीएपी नहीं मिल रही है। धान की फसल में डीएपी का इस्तेमाल किया जाना है। डीएपी की जगह दूसरी खाद मिल रही है। इनका प्रयोग करने से डीएपी की पूर्ति नहीं होती है।
- हरिपाल, सांगाहेड़ा।
गांव से शहर में डीएपी खरीदने के लिए आया था, लेकिन कहीं भी खाद नहीं मिली। अब नई अनाज मंडी में पहुंचकर देखा तो डीएपी नहीं थी। अब एनपीके खाद खरीदनी पड़ रही है।
- नितिन, सिंहपुरा।
जिले में डीएपी की स्थिति
डीएपी की मांग - 17000 एमटी
स्टॉक - 690 एमटी
नोट : जानकारी कृषि विभाग के अनुसार।
16सीटीके09 रमेश, डीघल।