प्रदेश में अवैध लिंग जांच और बेटियों को कोख में मारने पर सख्ती बरती गई तो अब दिल्ली भ्रूण जांच का केंद्र बन गया है। प्रदेश की दो टीमों ने राजौरी गार्डन स्थित रघबीर नगर में संचालित जोशान डायगनोस्टिक सेंटर पर छापामार कर अवैध लिंग जांच का भंडाफोड़ किया है।
लिंग जांच करने वाले डॉक्टर जसवीर सिंह जोशान को पुलिस के हवाले कर सेंटर को सील कर दिया गया। रोहतक के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप ने बताया कि डॉ. जसवीर साधारण एमबीबीएस के साथ अल्ट्रासाउंड करने के लिए महज छह माह का डिप्लोमा धारक था।
उसके पास डीएनबी की डिग्री भी पूरी नहीं थी। कागजात लेकर भाग रहे डॉक्टर को टीम ने मौके पर ही दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।
18 हजार रुपये में एजेंट के माध्यम से हुई थी डीलअधिकारी ने बताया कि लिंग जांच के लिए एजेंट के माध्यम से 18 हजार रुपये की डील हुई थी। इस मामले में महिला को गरीब जान कर दो हजार रुपये की छूट दी गई थी। हैरानी की बात है कि इस पूरे सिस्टम में डॉक्टर के छह से आठ हजार रुपये होते हैं और बाकी का रुपया एजेंटों का होता है।
फिल्मी अंदाज में छापामारी, एजेंटों ने दिया कई बार चकमाचिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप की टीम में डॉ. रणवीर सिंह, एसडीसी राकेश दहिया, पीएचएन शीला, डीपीएम दीपक, स्टेनो सुरेश कक्कड़, एएसआई राजसिंह और हेड कांस्टेबल वनिता शामिल रहे।
फिल्मी अंदाज में टीम दो ग्रुप में बंटी और बुधवार सुबह पौने नौ बजे एक गर्भवती महिला और उसके पति को डमी बनाकर आगे भेजा गया। महिला और उसके पति को झज्जर चुंगी पर एजेंट मिला, यहां से उन्हें सागर विला के पास बुलाया गया।
एजेंटों में महिला व पुरुष दोनों शामिल थे। डमी को दिल्ली जाते समय नांगलोई में फिर एक एजेंट मिला। उनको नांगलोई से जनकपुरी सुभाष नगर तक मेट्रो से भेजा गया। नांगलोई वाला एजेंट खुद ऑटो से गया और टेगौर गार्डन से डमी के पुरुष उम्मीदवार को वापस भेज दिया और इलेक्ट्रिक रिक्शा पर महिला को लेकर एजेंट जांच सेंटर पहुंचा।
एजेंटों ने इस दौरान पूरी तसल्ली कर ली कि कहीं कोई गड़बड़ नहीं है। जांच सेंटर में महिला को दो घंटे बैठाया गया, फिर छह नंबर वाला मरीज कह कर आवाज दी गई।
महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया और डॉक्टर ने कहा कि वह खुशी-खुशी घर जाए। सब ठीक है, बाकी चीज उसके एजेंट को बता दी जाएगी। जैसे ही महिला बाहर आई टीम ने अंदर छापामार कर अपनी कार्रवाई कर दी।
विभाग खुद को करेगा हाईटेकसिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार ने बताया कि दिल्ली में कई फर्जी लोग जांच सेंटर चला रहे हैं। हमारी टीम ने छापामार कर डॉक्टर को पकड़ा है और मामला दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है। छापामारी में अपने डमी मरीज को मजबूत और एजेंटाें के सिस्टम को फेल करने के लिए हम हाई तकनीक का प्रयोग करना शुरू करेंगे।
छापामारी के दौरान मौके से दो और गर्भवती महिला मिली थीं, लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिला। मौके पर मिले रिकॉर्ड के अनुसार एक महिला को फोन किया गया तो उसने भी लिंग जांच होने की बात कबूल की। इसमें यह बात भी सामने आई कि आरोपी डॉक्टर गर्भपात कराने तक का इंतजाम करता था।
तीन को जमानत नहीं, बाकी सेंटर सीलडिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप ने बताया कि अब तक की कार्रवाई में पंजाबी बाग, उत्तम नगर, रोहिणी में जांच करने वाले डॉक्टरों की जमानत नहीं हो पाई है। इन सभी पर आपराधिक मामले चल रहे हैं और अन्य सभी के सेंटर सील हैं।
हम गुप्त सूचना देने वालों को सरकार की ओर से घोषित एक लाख का पुरस्कार दिलाते हैं। दिल्ली में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड जांच करने वालों की भरमार है। प्रदेश की जांच टीम अब तक दिल्ली के नौ अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सील कर चुकी हैं।
रोहतक की टीम ने उत्तम नगर, झज्जर की टीम ने नांगलोई व रोहिणी, सोनीपत की टीम ने नरेला, फरीदाबाद की टीम ने शकुरबस्ती, गुड़गांव की टीम ने पटेल नगर में छापामारी कर कार्रवाई की है। रोहतक की टीम ने नजफगढ़ में भी कार्रवाई की और गत बुधवार राजौरी गार्डन। नजफगढ़ छापामारी में टीम एजेंट तक नहीं पहुंच पाई और आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो गया। उसके पास डीएनबी की डिग्री भी पूरी नहीं थी। कागजात लेकर भाग रहे डॉक्टर को टीम ने मौके पर ही दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।
18 हजार रुपये में एजेंट के माध्यम से हुई थी डीलअधिकारी ने बताया कि लिंग जांच के लिए एजेंट के माध्यम से 18 हजार रुपये की डील हुई थी। इस मामले में महिला को गरीब जान कर दो हजार रुपये की छूट दी गई थी। हैरानी की बात है कि इस पूरे सिस्टम में डॉक्टर के छह से आठ हजार रुपये होते हैं और बाकी का रुपया एजेंटों का होता है।
फिल्मी अंदाज में छापामारी, एजेंटों ने दिया कई बार चकमाचिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप की टीम में डॉ. रणवीर सिंह, एसडीसी राकेश दहिया, पीएचएन शीला, डीपीएम दीपक, स्टेनो सुरेश कक्कड़, एएसआई राजसिंह और हेड कांस्टेबल वनिता शामिल रहे।
फिल्मी अंदाज में टीम दो ग्रुप में बंटी और बुधवार सुबह पौने नौ बजे एक गर्भवती महिला और उसके पति को डमी बनाकर आगे भेजा गया। महिला और उसके पति को झज्जर चुंगी पर एजेंट मिला, यहां से उन्हें सागर विला के पास बुलाया गया।
एजेंटों में महिला व पुरुष दोनों शामिल थे। डमी को दिल्ली जाते समय नांगलोई में फिर एक एजेंट मिला। उनको नांगलोई से जनकपुरी सुभाष नगर तक मेट्रो से भेजा गया। नांगलोई वाला एजेंट खुद ऑटो से गया और टेगौर गार्डन से डमी के पुरुष उम्मीदवार को वापस भेज दिया और इलेक्ट्रिक रिक्शा पर महिला को लेकर एजेंट जांच सेंटर पहुंचा।
एजेंटों ने इस दौरान पूरी तसल्ली कर ली कि कहीं कोई गड़बड़ नहीं है। जांच सेंटर में महिला को दो घंटे बैठाया गया, फिर छह नंबर वाला मरीज कह कर आवाज दी गई।
महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया और डॉक्टर ने कहा कि वह खुशी-खुशी घर जाए। सब ठीक है, बाकी चीज उसके एजेंट को बता दी जाएगी। जैसे ही महिला बाहर आई टीम ने अंदर छापामार कर अपनी कार्रवाई कर दी।
विभाग खुद को करेगा हाईटेकसिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार ने बताया कि दिल्ली में कई फर्जी लोग जांच सेंटर चला रहे हैं। हमारी टीम ने छापामार कर डॉक्टर को पकड़ा है और मामला दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है। छापामारी में अपने डमी मरीज को मजबूत और एजेंटाें के सिस्टम को फेल करने के लिए हम हाई तकनीक का प्रयोग करना शुरू करेंगे।
छापामारी के दौरान मौके से दो और गर्भवती महिला मिली थीं, लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिला। मौके पर मिले रिकॉर्ड के अनुसार एक महिला को फोन किया गया तो उसने भी लिंग जांच होने की बात कबूल की। इसमें यह बात भी सामने आई कि आरोपी डॉक्टर गर्भपात कराने तक का इंतजाम करता था।
तीन को जमानत नहीं, बाकी सेंटर सीलडिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप ने बताया कि अब तक की कार्रवाई में पंजाबी बाग, उत्तम नगर, रोहिणी में जांच करने वाले डॉक्टरों की जमानत नहीं हो पाई है। इन सभी पर आपराधिक मामले चल रहे हैं और अन्य सभी के सेंटर सील हैं।
हम गुप्त सूचना देने वालों को सरकार की ओर से घोषित एक लाख का पुरस्कार दिलाते हैं। दिल्ली में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड जांच करने वालों की भरमार है। प्रदेश की जांच टीम अब तक दिल्ली के नौ अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सील कर चुकी हैं।
रोहतक की टीम ने उत्तम नगर, झज्जर की टीम ने नांगलोई व रोहिणी, सोनीपत की टीम ने नरेला, फरीदाबाद की टीम ने शकुरबस्ती, गुड़गांव की टीम ने पटेल नगर में छापामारी कर कार्रवाई की है। रोहतक की टीम ने नजफगढ़ में भी कार्रवाई की और गत बुधवार राजौरी गार्डन। नजफगढ़ छापामारी में टीम एजेंट तक नहीं पहुंच पाई और आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो गया।