एफडीडीआई (फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट) के छात्रों का भविष्य एक बार फिर से अधर में लटक गया है।
संस्थान की डिग्री को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ और ऐसे में अब संस्थान ने छात्रों को फीस का नोटिस जारी कर दिया है। मामला कोर्ट में होने के कारण छात्रों को बैंकों ने भी पढ़ाई के लिए लोन देने से इनकार कर दिया है।
बता दें कि देशभर में एफडीडीआई के 8 संस्थान हैं। संस्थान की डिग्री को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, जिसका मामला छात्रों ने कोर्ट में डाल रखा है। डिग्री को लेकर तो अभी कोई निर्णय नहीं हुआ, लेकिन ऐसे में छात्रों के सामने नई मुसीबत आ खड़ी हुई है।
दरअसल संस्थान ने अब फीस का नोटिस जारी कर दिया है। संस्थान की तरफ से जारी नोटिस में छात्रों को 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।
हिदायत दी गई है कि इस अवधि में फीस जमा नहीं होने पर जुर्माना लगाया जाएगा। छात्रों का कहना है कि उनकी एक साल में दो बार फीस जमा होती है। अब लगभग प्रति छात्र एक-एक लाख रुपये जमा होने हैं। ऐसे में बैंक से एजुकेशन लोन लेने की भी कोशिश की, लेकिन बैंक ने साफ इनकार कर दिया। बैंक का तर्क है कि पहले कोर्ट में चल रहे मामले का फैसला आने दो, इसके बाद ही एजुकेशन लोन मिलेगा। फीस को लेकर अब छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नहीं है फीस का कोई आधार
संदीप, दीपक और दूसरे छात्रों का कहना है कि अभी मामला कोर्ट में चल रहा है। ऐसे में फीस का नोटिस जारी करने का कोई आधार नहीं है। यदि डिग्री को लेकर फैसला छात्रों के पक्ष में नहीं आता तो उनकी यह फीस भी बर्बाद हो जाएगी।
वर्जन
संस्थान में कुछ बच्चों ने फीस जमा नहीं कराई है। इसलिए यह नोटिस जारी किया है।
- मनोज अग्रवाल, सेंटर इंचार्ज, एफडीडीआई, रोहतक।