रोहतक। सात साल पहले लघु सचिवालय के बाहर गोद ली नाबालिग बेटी और उसे अभिरक्षा में लेकर आए करनाल के एसआई की दिनदहाड़े हत्या के मामले में कोर्ट ने पिता रमेश, भाई मोहित व मेरठ (यूपी) के शूटर प्रवीत उर्फ प्रिंस को दोषी करार दिया है। इन्हें शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी। सात आरोपी बरी भी हो गए। पिता ने अंतरजातीय विवाह से नाराज होकर बेटी की हत्या कराई थी।
यह ऑनर किलिंग आठ अगस्त 2018 को दिनदहाड़े उस वक्त अंजाम दी गई, जब करनाल पुलिस रोहतक की श्याम कॉलोनी निवासी 17 साल की ममता को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश करने लाई थी। हवलदार सुुशीला और एसआई नरेंद्र सिंह उसकी पेशी कराकर लघु सचिवालय के बाहर दोपहर 2:44 बजे जैसे ही निकले, बाइक पर आए दो युवकों ने उन पर गोलियां बरसा दीं।
हवलदार सुुशीला ने आर्य नगर थाने में दर्ज कराई एफआईआर में कहा था कि पिता रमेश ने ही बाइक सवार शूटरों को इशारा करके बताया था कि ममता ही उसकी बेटी है। शूटरों ने ममता के साथ एसआई नरेंद्र को भी नहीं बख्शा। गोली सुशीला को भी मारी, लेकिन वह बच गई।
सुशीला के मुताबिक, उसने ममता की सास व उसके देवर को हमलावरों बचाया। शूटरों के भागने के बाद ममता व एसआई नरेंद्र को पीजीआई ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने रमेश समेत 10 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
ममता को फूफा ने ही लिया था गोद
बचाव पक्ष के वकील सुशील पांचाल बताते हैं कि आरोप पत्र में पुलिस ने बताया था कि ममता को उसके फूफा रमेश ने ही गोद लिया था। 12वीं तक पढ़ाया भी। सिंहपुरा निवासी सोमी से अंतरजातीय विवाह करने से रमेश इतना खफा हुुआ कि ममता के चचेरे भाई मोहित उर्फ मंगल को उसे मार देने को कह दिया।
मोहित ने मोदी नगर (गाजियाबाद) निवासी अपने शूटर दोस्त प्रवीत नेहरा उर्फ प्रिंस उर्फ चिंटू उर्फ कांचा (हाल निवासी जाट कॉलोनी, मेरठ) से संपर्क किया और दिनदहाड़े हत्या कर दी। एएसजे रजनी यादव की कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया। बाकी विकास तोमर, सोमबीर, सविता, कृष्णा, रामकेश, प्रशांत उर्फ टोनी, मोहन दास साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए।
प्रेम विवाह करने सजा मिली ममता को
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, घर से भागकर शादी करने के बाद ममता और सोमी को पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस जब ममता को अदालत लाई तो उसने परिजनों के पास जाने से इन्कार कर दिया। उसे नारी निकेतन करनाल भेज दिया गया। वहीं से उसे रोहतक लाया गया था।
150 पेज की चार्जशीट, फिर भी सात के खिलाफ साजिश साबित नहीं
दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने 150 पेज की चार्जशीट दाखिल की। 19 गवाह भी बनाए, लेकिन हत्या की साजिश के सात आरोपी फिर भी बरी हो गए। पुलिस ने 10 आरोपियों में से मोहित व प्रिंस पर हत्या और बाकी आठ पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया था। इनमें ममता को गोद लेने वाले रमेश पर ही साजिश सिद्ध हो सकी। पुलिस बाकी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं दे सकी।
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तीन को 10-10 साल की हो चुकी कैद
2019 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव से ऐन पहले दिनदहाड़े दोहरे हत्याकांड से कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गए थे। भारी दबाव में आई पुलिस ने आरोपियों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित किया था। छह दिन बाद पुलिस ने मोहित, प्रिंस व उसके भाई प्रशांत को सिंहपुरा गांव के नजदीक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। गोली लगने से प्रिंस घायल हुआ था। पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में अदालत मोहित, प्रिंस व प्रशांत उर्फ टोनी को नवंबर-24 में 10-10 साल कैद की सजा सुना चुकी है।