रोहतक। पूर्वांचल की आस्था का महापर्व छठ पूजा वीरवार को धूमधाम से मनाया गया। दिल्ली बाईपास नहर समेत शहर में 11 जगह छठ मैया की पूजा की गई। शाम को सैंकडों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नहर में खड़े होकर ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया।
शहर में वीरवार को नहर पर बने घाट पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालु ढलते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचे। ढोल की थाप पर पारंपरिक परिधानों में श्रद्धालु अपने सिर पर रखी टोकरी में फल व अन्य सामग्री लेकर पूजन के लिए पहुंचे। लोक गीतों पर थिरके श्रद्धालुओं ने नहर पर पूजा अर्चना की। शहर में गौकर्ण डेरा, हिसार बाईपास, कन्हेली हेड, बोहर नहर पुल, एकता कॉलोनी, सुनारिया चौक, सुनारिया रोड व अन्य स्थानों पर पूर्वांचल समाज के लोगों की भीड़ के चलते दिन भर रौनक बनी रही। दिल्ली बाईपास नहर पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां सांसद दीपेंद्र हुड्डा, विधायक भारत भूषण बतरा, महामंडलेश्वर कर्णपुरी, एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन के अलावा समाज के गणमान्यजन मौजूद रहे।
पूर्वांचल एकता सेवा समिति के प्रधान संजीव सिंह ने कहा कि छठ पर्व पूर्वांचल की आस्था का महापर्व है। इसे हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार मनाने घाट पर 50 हजार से अधिक लोग पहुंचे हैं। इनके लिए घाट पर बेहतर व्यवस्था की गई। समाज के साथ प्रशासन व प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिला। इसके चलते कार्यक्रम बेहतर ढंग से आयोजित हुआ।
घाट पर लगाई रंग-बिरंगी लाइट
नहर पर छठ पूजा के लिए बनाए घाट पर रंग-बिरंगी लाइट लगाई गई। श्रद्धालुओं के जयघोष, ढोल व शोरगुल से पूरा इलाका देर रात तक गूंजता रहा। घाट पर लगी अस्थायी स्टॉलों पर लोगों ने खिलौने व खाने-पीने के सामान की जमकर खरीदारी की। इसके चलते घाट पर मेले सरीखा नजारा बना रहा।
गौकर्ण डेरे पर भी उमड़ी आस्था
छठ पूजा के चलते गौकर्ण डेरे पर सूर्य को अर्घ्य देने की व्यवस्था की गई। इसके चलते डेरे के तालाब पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं व पुरुषों ने तालाब में पानी के बीच उतर कर पूर्जा-अर्चना की। इस कारण डेरे परिसर में खासी चहल-पहल बनी रही। इसी प्रकार हिसार बाईपास व अन्य जगहों पर भी छठ पूजा पर्व मनाया गया।