रोहतक। किसानों को इतनी ताकत दिखाने की जरूरत है कि चुनाव में किसानों का ही मुद्दा सबसे ऊपर रहे। सभी किसानों को एकजुट होकर अपनी ताकत को साबित करने का समय है, ताकि आने वाले समय में किसानों को किसी तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। 23 नवंबर को पीपली में किसानों की बड़ी रैली होने जा रही है। किसानों को अपनी पूरी ताकत इसमें लगानी चाहिए। नई अनाज मंडी स्थित भारतीय किसान यूनियन के दफ्तर में मंगलवार को पहुंचे किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने यह बात कही।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि लखीमपुर खीरी वाली घटना को कोई भूला नहीं है। उसमें मरने वाले पांच किसानों को मंगलवार श्रद्धांजलि दी गई है। दुर्भाग्य की बात है कि इस घटना में वापस किसानों पर ही मुकदमे दर्ज हुए और बीजेपी का नेता जिसने इस घटना को अंजाम दिया, आज वह वहीं का वहीं है। किसान आंदोलन पर बोलते हुए कहा कि वह किसान आंदोलन नहीं था, वह देश आंदोलन था। क्याेंकि देश के भोजन के लिए लड़ाई लड़ी जा रही थी। किसानों की फसल को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। वहीं किसानों की फसल को ब्लाक कर रखते हैं और इससे फल-सब्जियों के दामों में उछाल आती है। पिछले समय की ही बात है प्याज 200 रुपये किलो तक लोगों ने खरीदे हैं, प्याज 300 रुपये किलो तक मार्केट में बिकी है।
फसलों की एमएसपी पर नहीं हो रही खरीद
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसी भी मंडी में एमएसपी पर खरीद नहीं की जा रही है। कहीं पर फसलों की खरीद हो रही है तो कहीं पर नहीं हो रही है। किसी मंडी का पोर्टल चल रहा है तो किसी का नहीं चल रहा। रोहतक मंडी में अभी तक भी धान की खरीद नहीं की गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल किसानों की परेशानी को कभी नहीं समझ सकता। यह सरकार किसानों को लूटने का काम कर रही है। सरकार के नेता रिश्वत तक ले रहे हैं। सरकार जनसंवाद के नाम पर जनता के स्वाद ले रही है।