आशीष कुमार ने अनाज मंडी में फसल खरीद व उठान कार्यों का लिया जायजा
रोहतक। एसडीएम आशीष कुमार ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे धान की फसल के अवशेषों को न जलाकर उचित प्रबंधन करें। इससे प्रदूषण से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
एसडीएम डोभ, कलानौर, जिंदराण, निंदाना, आंवल व लाहली गांवों में किसानों को फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने व जागरूक करने के साथ जल निकासी कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पराली न जलाने वाले किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत प्रति एकड़ 1200 रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसका उद्देश्य किसानों को पराली को जलाने के बजाय उसके उचित प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना है।
आशीष कुमार ने कहा कि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर पर तीन तरह की कार्रवाई की जाएगी। इनमें एफआईआर दर्ज करवाना, 5 हजार से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना व मेरी फसल मेरा ब्यौरा में रेड एंटी करने का प्रावधान है।
यदि कोई किसान 2 एकड़ भूमि में फसल अवशेष को आग लगाता है तो उस पर 5 हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक भूमि में फसल अवशेष जलाने पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
इससे किसान अगले 2 सीजन तक अपनी फसल मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य अर्थात एमएसपी पर नहीं बेच पाएगा। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन गांवों में अभी जल निकासी का कार्य चल रहा है उसमें तेजी लाई जाए।
उन्होंने गांव जिंदराण में अतिरिक्त पंप सेट व पाइप लाइन लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जिला में खाद की कोई कमी नहीं है। अगर किसी किसान को खाद से संबंधित कोई समस्या आती है तो तुरंत एसडीएम कार्यालय में संपर्क कर सकता है।