11jjrp16- झज्जर। लघु सचिवालय में नारेबाजी करते किसान। संवाद
झज्जर। हाईटेंशन लाइन के मुआवजे को लेकर किसानों की ओर से पिछले साल भर से चलाया जा रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। हाईटेंशन तार के लिए झज्जर के करीब तीन दर्जन गांवों से यह लाइन निकाली जानी है। इसके लिए शासन और प्रशासन के साथ किसान संगठन की कई दौर की वार्ता हो गई है, लेकिन किसी भी वार्ता में अभी तक किसानों को खेतों से निकाली जाने वाली हाईटेंशन लाईन के मुआवजे को लेकर समाधान नहीं निकला है।
किसान चाहते हैं कि मार्केट भाव से किसानों को मुआवजा दिया जाए। इसी के चलते सोमवार को भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा को एसडीएम ने वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन काफी देर तक चली इस वार्ता में भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कर्मबीर दहिया ने बताया कि एसडीएम के साथ काफी देर तक उनकी वार्ता हुई, लेकिन इस वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब किसानाें ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए दिल्ली कूच का फैसला किया है।
वह मंगलवार को 11 बजे के करीब झज्जर से दिल्ली स्थित राजघाट के लिए पैदल ही दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि खेतों से गुजरने वाली यह हाईटेंशन लाइन सरकारी नहीं है। यह लाइन प्राइवेट कंपनियों की है और शासन और प्रशासन इन्हीं कंपनियों को लाभ पहुंंचाना चाहता है। उन्होंने कहा कि जिले के करीब तीन दर्जन गांवों से यह लाइन होकर गुजरनी है। किसान चाहते है कि उन्हें बाजार भाव से इसका उचित मुआवजा मिले।