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केएमपी पर पांच घंटे किसानों ने किया चक्का जाम

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केएमपी पर प्रदर्शन करते किसान । अमर उजाला
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ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को केएमपी एक्सप्रेस-वे पर चक्का जाम किया। किसानों ने विभिन्न संगठनों व यूनियन के साथ सुबह 11 से दोपहर बाद 4 बजे तक केएमपी पर वाहनों का आवागमन रोके रखा।
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संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा। किसान विरोधी कानून व बिजली बिल 2020 के खिलाफ व न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। सरकार ने आंदोलन फेल करने व किसानों के हौसले पस्त करने के लिए हर हथकंडा अपनाया, लेकिन किसान मजदूरों की जागरूकता व एकजुटता के कारण सारे प्रयास फेल साबित हुए। आंदोलन की जीत हमारी जिंदगी है। आंदोलन की हार हमारी मौत। ये कानून केवल किसानों के खिलाफ ही नहीं है, बल्कि भूमिहीन शहरी गरीबों, ग्रामीण, खेत मजदूरों व दस्तकारों को भी बर्बाद कर देंगे। क्योंकि अडानी-अंबानी को जमाखोरी की छूट देने से खाद्य पदार्थ प्याज की तरह कई गुना रेट पर मिलेंगे। प्राइवेट मंडियों के कारण सरकारी मंडियां बंद हो जाएंगी। सरकारी खरीद भी नहीं रहेगी व एमएसपी भी नहीं मिलेगा। देश के गरीबों के लिए राशन प्रणाली भी खत्म हो जाएगी। बिजली भी गरीब नागरिकों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस व पैसेंजर गाड़ियों का किराया बढ़ने से महंगाई आकाश छू रही है। गरीब का जीना दुश्वार हो चुका है। ऐसे हालात में आंदोलन के अलावा मुक्ति का और कोई रास्ता नहीं है। इस मौके महावीर सिंह, बलजीत, दिलीप सिंह, धीरे, रण सिंह, भारत, गोविंद, रणबीर सिंह, दिलबाग सिंह दलाल, रामकिशन व अन्य ने भाग लिया।
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