झज्जर। जिले के करीब तीन दर्जन गांवों के खेतों से होकर दिल्ली पहुंचाई जाने वाली हाईटेंशन लाइन के मुआवजे को लेकर किसानों ने एक बार फिर हुंकार भरी है। किसानों ने मंगलवार को गांव छारा के टोल प्लाजा पर एकत्रित होकर दिल्ली के लिए कूच किया। औचंदी बॉर्डर से बुधवार को सभी किसान राजघाट के लिए चलेंगे।
किसान मंगलवार को छारा टोल से दिल्ली के औचंदी बॉर्डर के लिए चले। बुधवार को औचंदी बॉर्डर से सभी किसान राजघाट के लिए चलेंगे।किसान शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली जाने के लिए पैदल ही रवाना हुए। किसानों के पैदल जत्थे का नेतृत्व भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के हरियाणा अध्यक्ष कर्मबीर दहिया ने किया। उन्होंने शासन और प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन राजस्थान के खेतड़ी से वाया झज्जर होकर नरेला ट्रांसमीशन जानी है। किसानों की मांग है कि खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के अधिग्रहित जमीन का मुआवजा मार्केट रेट के हिसाब से मिले। शासन और प्रशासन केवल सर्कल रेट से किसानों को मुआवजा देना चाहता है, जो किसानों को मंजूर नहीं है।
उन्होंने कहा कि सीएम के साथ उनकी तीन बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन वहां भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। अब किसानों ने थक हारकर दिल्ली कूच की तैयारी की है। वह राजघाट से किसानों के हक में आवाज बुलंद करने वाले हैं। उन्होंंने कहा कि यदि इसके बावजूद भी उनकी मांग का कोई समाधान नहीं निकला तो वह फिर आंदोलन की अगली रणनीति बनाने को मजबूर होंगे।