मंडी में गेहूं का उठान धीमा है, इसकी वजह से एक महीना बीतने के बाद भी किसानों के खातों में पेमेंट नहीं पहुंची है। किसान कभी आढ़ती तो कभी अधिकारियों के पास चक्कर काट रहे हैं। सांपला अनाज मंडी में साढ़े चार लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जबकि 45,000 क्विंटल सरसों बिक्री के लिए पहुंची।
अभी तक करीब 60 प्रतिशत गेहूं की उठान हुई है। उठान न होने से सैकड़ों किसानों की लाखों रुपये की पेमेंट अभी अटकी हुई है। मंडी में दोनों फसलों की आवक बंद हो चुकी है। हाल में केवल उठान का कार्य बचा हुआ है, जबकि सरकार के निर्देश थे कि किसान की फसल खरीदने के 72 घंटे बाद ही उनके खाते में पेमेंट पहुंच जाएगी। अब बहुत से किसानों की शिकायत है कि उन्हें अपनी फसल की बिक्री किए हुए एक महीना बीत गया, लेकिन उनके खाते में पेमेंट नहीं पहुंची।
किसानों को उठानी पड़ रही परेशानी
मांडोठी निवासी किसान सोनू प्रवीन, रिंकू, जसवीर, राजवीर व अन्य किसानों का कहना है कि उन्हें एक महीना पहले मंडी में अपनी फसल डाली थी। अब तक उनके खाते में पैसे नहीं पहुंचे। इसके लिए आढ़ती व अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। उन्हें किसी ने मकान का निर्माण करना है तो किसी को पट्टे पर जमीन लेनी है। किसी ने घर के सामान की खरीदारी करनी है। पैसों के बिना सभी काम रुके हुए। आढ़तियों का कहना कि खरीदे एजेंसी की लापरवाही से उठान नहीं हो रहा। उन्होंने आला अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार का कहना है कि अभी तक 60 प्रतिशत से अधिक गेहूं उठान हो चुकी है और निर्देश दिए गए हैं कि जल्द पूरी उठान की जाए।