बासमती धान पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष कम दाम पर बिक रहा है। मंडी में फसल लेकर पहुंच रहे किसान फसल का पर्याप्त मूल्य नहीं मिलने से आहत हैं। किसानों का कहना है कि फसलों के दाम घटने से खेती करना घाटे का सौदा बनकर रह गया है। किसानों से इस संबंध में बातचीत की तो उनका दर्द छलक आया।
मंडी में बासमती धान पिछले साल से लगभग 1000-1500 रुपये प्रति क्विंटल तक कम बिक रहा है। धान कम दाम पर बिकने से किसान आहत हैं। इनका कहना है कि लागत हर साल बढ़ती जा रही है। धान की कीमत कम हो रही है। पिछले साल जहां धान की कीमत 4800 प्रति क्विंटल के आस-पास थी, वहीं इस बार कीमत 3300 से 3400 रुपये के आस पास है।
धान की खरीद तो रही है, लेकिन धान का रेट इस बार पिछली बार से 1000 रुपये तक कम है। इस बार तो पूरा ही नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सुधीर, किसान, रिटौली।
पिछले साल से सस्ते रेट में धान बिक रहा है। इस बार तो लागत पूरी करनी भी मुश्किल हो चुकी है। किसान जब से फसल उगाता से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रणधीर, किसान, मकडौली कलां।
धान सही रेट पर नहीं बिक रहा है। इस बार धान में कोई फायदा नहीं हुआ और जिसने ठेके पर जमीन लेकर फसल उगाई है, उसको तो इस बार पूरा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रघुबीर, किसान, बालंद।