रोहतक। अनाज मंडी रोहतक में सरसों की खरीद शुरू होने के साथ ही किसानों के लिए परेशानियां भी शुरू हो गईं। किसी की फसल आधी खरीदी जा रही है, बाकी को घर लेकर जाने को मजबूर, तो किसी का मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर रिकॉर्ड ही वेरिफाई नहीं है। किसानों का आरोप खरीद एजेंसी और आढ़तियों की मशीनों में नमी की मात्रा में मिल रहा दो प्रतिशत तक का अंतर।
मंगलवार को जिले की चार अनाज मंडियों में 3265.50 क्विंटल सरसों की आवक हुई। इसमें से 5606 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। सांपला अनाज मंडी में 800 क्विंटल सरसों की आवक हुई। 3940 क्विंटल की खरीद की गई। कलानौर अनाज मंडी में 1952.50 क्विंटल सरसों की आवक हुई। इसमें से 1566 क्विंटल की खरीद हुई।
महम अनाज मंडी में 188 क्विंटल सरसों की आवक हुई, लेकिन नमी के कारण खरीद नहीं हुई। रोहतक अनाज मंडी में मंगलवार को 325 क्विंटल सरसों की आवक हुई। इसमें से लगभग 274 क्विंटल सरसों की खरीद हुई। रोहतक अनाज मंडी में अब तक 648 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। इसमें से 487 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। नमी के कारण अभी तक 161 क्विंटल सरसों की खरीद नहीं हो सकी है। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद एजेंसी और आढ़तियों की मशीन से नमी की जांच दो प्रतिशत का अंतर मिल रहा है। इसके कारण उनकी फसल में नमी की मात्रा कम होने पर भी ज्यादा बताई जा रही है। इसके कारण उनकी फसल नहीं खरीदी जा रही।
मंडी में सुबह पहुंचते ही आढ़ती ने फसल में नमी की जांच की। इसमें सुबह 8.3 प्रतिशत नमी दर्ज की गई थी। दो घंटे बाद खरीद एजेंसी की मशीन नमी जांच करने पर 10 प्रतिशत दर्ज की गई। मंडी और आढ़तियों की मशीनों में लगभग दो प्रतिशत का अंतर देखने को मिल रहा है। इसके कारण फसल की खरीद नहीं हो सकी।
- कपूर माेखरा, किसान
मंडी में सरसों लेकर पहुंचते ही आढ़ती ने नमी की जांच कर रहे हैं। आढ़तियों की मशीन में सात प्रतिशत नमी दर्ज की गई। खरीद के लिए एजेंसी ने सरसों मे नमी की जांच करने पर 8.8 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे फसल में नमी कम होने पर भी ज्यादा बताकर खरीद नहीं की जा रही। साथ ही मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दो एकड़ जमीन का पंजीकरण करवाया गया था, लेकिन केवल सात क्विंटल फसल खरीद का ही गेट पास बनाया गया।
- धर्मेंद्र कुंडू, बहु अकबरपुर, किसान
सरकार एक एकड़ पर केवल आठ क्विंटल सरसों खरीद हो रही है। एक दिन में किसान केवल 25 क्विंटल सरसों ही बेच सकता है। फसल ज्यादा होने के कारण बाकी फसल की खरीद नहीं की जा रही। शेष फसल को किसान निजी तौर पर बेचने या घर ले जाने को मजबूर हैं। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- विजय कुमार, खरावड़, किसान
अगर किसी सरसों की नमी में किसी प्रकार का अंतर मिल रहा है तो उसकी दोबारा से जांच करवा दी जाएगी। किसानों को पूरी तरह संतुष्ट किया जाएगा।
- धर्मेंद्र, डीएम हैफेड, रोहतक।
किसान नमी में अंतर होने की शिकायत लेकर आए थे। इसके बाद मार्केट कमेटी की मशीन से नमी की जांच करवाई गई थी। मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसी की मशीनों ने कोई अंतर नहीं मिला। मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसी की मशीनें सरकार की ओर से वेरिफाई है।
- दीपक लोहचब, सचिव मार्केट, रोहतक।
फोटो-25सीटीके19 मंडी में फसल सूखाते हुए किसान।संवाद
फोटो-25सीटीके19 मंडी में फसल सूखाते हुए किसान।संवाद
फोटो-25सीटीके19 मंडी में फसल सूखाते हुए किसान।संवाद