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तीन घंटे 33 मिनट में चार बार हुई झड़प, ताऊ का सिर फूटा तो पुलिस ने ही कराया उपचार

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सीएम मनोहर लाल के रोहतक आगमान का विरोध कर रहे किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प । संवाद
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रोहतक। सीएम मनोहर लाल के रोहतक आगमन का विरोध कर रहे किसानों व पुलिस के बीच मस्तनाथ विश्वविद्यालय के नजदीक शनिवार को 3 घंटे 33 मिनट तक खींचतान चली। पुलिस व किसानों के बीच माहौल नरम तो कभी गरम नजर आया। चार बार किसानों व पुलिस के बीच झड़प हुई, इसमें किसानों ने जहां पथराव किया तो पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया।
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दूसरे ही पल पुलिस के आला अधिकारी व किसान एक-दूसरे को पानी पीने की पूछते नजर आए। इतना ही नहीं, पुलिस के फार्मासिस्ट ने ही घायल दो किसानों को मरहम पट्टी की। तय कार्यक्रम के तहत सीएम मनोहर लाल के हेलीकॉप्टर को दोपहर 12:45 बजे मस्तनाथ विवि में बनाए गए हैलीपैड पर उतरना था।
किसान मकड़ौली टोल से रवाना होकर नांदल भवन के पास एकत्रित हुए। पुलिस ने हैलीपैड की तरफ जाने से रोकने के लिए चार जगह अवरोध लगाए, लेकिन किसान अवरोध हटाकर विश्वविद्यालय के पास मुख्य सड़क तक पहुंचने में कामयाब रहे। इसके बाद पुलिस ने बसों को सड़क के बीचोंबीच खड़ी करके रास्ता रोक दिया। वहीं पर पुलिस व किसानों के बीच साढ़े तीन घंटे तक टकराव रहा।
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यूं चला किसानों व पुलिस के बीच घटनाक्रम
- दोपहर 12:24 बजे किसानों का जत्था नांदल भवन के पास पहुंचा। पुलिस ने सड़क के बीचोंबीच पीसीआर लगा दी, लेकिन किसान साइड से अपने ट्रैक्टरों को लेकर आगे बढ़ गए।
- दोपहर 12:27 बजे पुलिस ने नांदल भवन से आगे सड़क के बीचोंबीच पुलिस बस को खड़ा कर दिया। किसान बस के आगे उगी झाड़ियों में से अपने ट्रैक्टर को निकाल ले गए।
- दोपहर 12:30 बजे किसानों ने ट्रैक्टर निकालने के सड़क के बीचोंबीच खड़ी पीसीआर को हटाने का प्रयास किया और नारे लगाते हुए हैलीपैड की तरफ बढ़ने लगे।
- दोपहर 12:36 बजे पुलिस ने मस्तनाथ विश्वविद्यालय से पहले मुख्य सड़क के पास बसों को अड़ाकर रास्ता रोक दिया। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से उतरे और पैदल ही हैलीपैड की तरफ बढ़ने की बात कहने लगे।
-दोपहर 12:42 बजे मस्तनाथ विश्वविद्यालय के पास आईजी संदीप खिरवार पहुंचे और एएसपी नरेंद्र कादियान व डीएसपी सज्जन सिंह से मामले को लेकर विचार विमर्श किया। सड़क को बेरिकेड्स के साथ पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
- दोहपर 12: 52 बजे किसानों की आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हैलीपैड से 370 मीटर दूर मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कोने तक पहुंच गई।
- दोपहर 01:04 बजे किसान बेरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने लगे, लेकिन भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण किसान बेरिकेड्स नहीं हटा पाए। इसके थोड़ी देर बाद किसान व पुलिस आसपास पेड़ों के पास छांव में बैठ गए।
- दोपहर 01:22 बजे फिर से किसान आगे बढ़ने लगे। दोनों पक्षों में पांच मिनट तक झड़प हुई। एक किसान का कुर्ता तक फट गया। उसके बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले तैयार कर लिए। इसी बीच किसान भी शांत हो गए।
- दोपहर 01: 26 बजे महिला किसान सड़क किनारे लगी कटीली तारों को पार कर हैलीपैड की तरफ बढ़ने लगी। महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
- दोपहर 01:27 बजे पुलिस और किसान फिर आमने सामने हो गए। पथराव के चलते एक पुलिसकर्मी मंजीत का सिर फूट गया। जबकि दूसरी तरफ सांघी गांव निवासी किसान 70 वर्षीय राजसिंह सिर में लाठी व किलोई गांव निवासी किसान आनंद पैर पर डंडा लगने से घायल हो गए। पुलिसकर्मी को जहां साथी पुलिसकर्मी अस्पताल ले गए, जबकि पुलिस के फार्मासिस्ट ने दोनों घायल किसानों को पट्टी की। इसके बाद माहौल आधा घंटे तक शांत रहा।
- दोपहर 02:25 बजे बुजुर्ग महिला पुलिस की बस की छत पर चढ़ गई और पुलिस वालों को अपशब्द कहने लगी। उसी दौरान बुजुर्ग महिला के देखकर दो अन्य महिलाएं भी बस की छत पर चढ़ गई।
- दोपहर 02:34 बजे एक युवक बुजुर्ग महिला को पानी की बोतल देने आया तो उसी समय नीचे महिला पुलिस और महिलाओं के बीच झड़प शुरू हो गई। बुजुर्ग महिला ने पानी न पीकर बोतल का पानी बस की छत से पुलिस के ऊपर डाल दिया। इससे आसपास खड़े पुलिस वाले हंसने लगे। उसी दौरान एक महिला किसान दो बार बेहोश हो गई। बाद में उसने कहा कि उसे चक्कर आ रहे हैं।
- दोपहर 02:49 बजे एक किसान के कहने पर सभी किसान अपनी गिरफ्तारी देने लगे और बस में बैठने लगे लेकिन अन्य दो लोगों ने वापस किसानों को बस से उतारा और पुरानी आईटीआई की तरफ बढ़ने की बात कही। उसके बाद किसान शांत हुए और इधर उधर बेरिकेड्स पार करने के लिए टहलते रहे।
- दोपहर 02:57 बजे किसान पुरानी आईटीआई की तरफ जाने की बात कह वापस बोहर गांव की तरफ चल दिए। उसके बाद भी पुलिस शहर की तरफ आने वाले रास्तों पर नाका लगाए रही और किसानों को शहर में नहीं घुसने दिया। उसके बाद कुछ पुलिसकर्मी भी वहां से शहर की तरफ निकल पड़े।
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