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किसान के पैसे छीने, 10 मिनट में लूट ले गए 6 माह की मेहनत

Tue, 29 Apr 2014 02:21 AM IST
रोहतक
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‘आए साल गिहुआं के रपिये मैं ए ल्याया करुं बेटा, पर बेरा कोनी था अक इसी भी बण ज्यागी। राह चालदे लोगों गेल इसी वारदात होण लाग्गी, बेटा देश का जमा नाश जा लिया। मनैं तो इब डर लागण लाग्या। फौज मैं रहंदी हाण मन्नैं कदे डर नहीं लाग्या। मन्नैं बोडर पै ड्यूटी करी, दुश्मनां गेल लड्या, पर आपण ए देश मैं, आपणे शहर मैं इसा माहौल देख के डर लाग्गै सै।’ यह कहना है गांव सुंदरपुर निवासी ईश्वर सिंह का। सोमवार सुबह सवा 10 बजे अनाजमंडी के पास बाइक सवार युवकों ने उनके 1 लाख 37 हजार रुपये छीन लिए। इससे बुजुर्ग के मन में खौफ बैठ गया है और परिवार के लोग उसे दिलासा दे रहे हैं।
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अनाज मंडी में बेचे गये गेहूं के पैसे लेकर आ रहे ईश्वर सिंह पैदल ही हैफेड गोदाम की ओर जा रहे थे। वहां पर रुक कर वे थैले को बगल में दबाकर बीड़ी लगाने लगे। इसी दौरान पीछे से एक युवक दौड़ता हुआ आया और झपट्टा मारकर बैग छीन ले गया। युवक दौड़कर पास ही खड़ी एक बाइक पर जा बैठा, जो स्टार्ट खड़ी थी और उस पर एक युवक बैठा था। रुपये लूटने के बाद दोनों युवक वहां से फरार हो गए।

ईश्वर सिंह ने बताया कि उनके अलावा वहां पर एक स्कूटी पर दो युवक भी थे, जो घटना के तुरंत बाद वहां से चले गए। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद शिवाजी कॉलोनी पुलिस ने वीटी कराने के बाद नाकेबंदी भी कर दी, लेकिन आरोपियों का कोई पता नहीं चला। शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस युवकों को तलाश कर रही है।
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ईश्वर सिंह ने बताया कि उसके दो बेटे सतबीर व जगबीर ने 7 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर बोई थी। एक एकड़ जमीन का ठेका 22 हजार रुपये है। सभी 7 एकड़ जमीन के गेहूं उन्होंने नई अनाजमंडी में एक आढ़ती को बेचे थे। उसी गेहूं की कीमत लेकर वह वापस आ रहा था। ईश्वर सिंह के बेटे सतबीर ने बताया कि यह जमीन उन्होंने लगभग डेढ़ लाख रुपये में ठेके पर ली थी। यह सोचा था कि कुछ आमदनी होगी।

 यही सोचते हुए खेत में बढ़िया बीज व खाद भी डाली थी। ट्यूबवेल चलाकर खेतों की सिंचाई की थी, मगर वे युवक झटके में पूरे परिवार की 6 महीने की मेहनत छीन ले गए। ठेके के रुपये भी देने पडे़ंगे और जो खर्च हुआ था, वह अलग है।


जैसे ही गांव के लोगों को ईश्वर सिंह के साथ हुई घटना का पता चला तो वे दिलासा देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे। एक युवक ने उन्हें दिलासा दिलाते हुए कहा कि ताऊ जी पुलिस युवकों को ढूंढ रही है।

उन्हें पकड़ लिया जाएगा। इस पर ईश्वर सिंह ने कहा कि ‘नरसी बेटा, ये रपिये तो उल्टे कोनी आवैं। वे छोरे रपिये लेगे हैं, आपणा भाग तो कोनी लगे। पर बात रपियां की नहीं है, बात माहौल की है। न्यू रहीं गया तो लोग घर तैं भी कोनी लिकड़ सकैंगे।’

ईश्वर सिंह ने बताया कि वह अनाज मंडी से निकलकर बाहर हैफेड के गोदाम तक पहुंच गया था, मगर रास्ते में उसे कहीं पर भी पुलिस की पीसीआर, राइडर्स या पैदल पुलिसकर्मी नहीं मिले। उनका कहना है कि अब किसान फसल बेचने में जुटे हुए हैं, तो पुलिस को उनकी सुरक्षा के लिए अनाज मंडी और उसके आसपास के क्षेत्र में पुख्ता प्रबंध करने चाहिए।

पीड़ित किसान ईश्वर सिंह ने बताया कि युवक उसके और उसके परिवार की छह महीने की मेहनत 10 मिनट में ही लूट ले गया। छह महीनों तक पशुओं की तरह काम करने के बाद जब अनाज बेचा तो उम्मीद थी कि कर्ज उतार सकूंगा। गेहूं की फसल के लिए जो खाद और बीज खरीदे थे, उनके रुपये भी इसी में से देने थे।

लेकिन रुपये छिन लिए जाने से अब उसके पास कुछ नहीं बचा है। वह कैसे घर चलाएगा और कर्ज कैसे उतारेगा, यह नहीं समझ आ रहा है। उन युवकों का तो कुछ भी नहीं बिगड़ा, मगर मुझ पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। वो युवक क्या जाने कि ये रुपये हासिल करने के लिए कितनी मेहनत की थी और क्या-क्या उम्मीद लगा रखी थी।

ईश्वर सिंह ने बताया कि अगर वे युवक उसके सामने आ जाएं तो उनको पहचान लेगा। उसने बताया कि घटना के बाद काफी देर बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंच थी। उसे एसपी ऑफिस भी ले जाया गया तथा कई युवकों के फोटो दिखाकर उनमें से पहचानने को भी कहा गया, लेकिन रुपये छीनने वाले का फोटो उनमें नहीं था। उसकी शक्ल वे कभी भी नहीं भूल सकते।
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