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किसान आंदोलनः कई संगठनों ने उपायुक्त कार्यालय घेरा, 7 फरवरी को कृषि मंत्री दफ्तर के घेराव का एलान

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लघु सचिवालय गेट के पास किसानों के समर्थन में जमीन पर बैठकर प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के सदस्? - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। सर्व कर्मचारी संघ व सीटू के आह्वान पर मंगलवार को कई विभागों के कर्मचारियों और मजदूरों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसानों, मजदूरों और कर्मचारी विरोधी फैसले लेने और सरकारी महकमों का निजीकरण करने का आरोप लगाया। वहीं, सीटू ने कहा कि 7 फरवरी को प्रदेश के कृषि मंत्री के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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मान सरोवर पार्क में सुबह करीब 11 बजे से कर्मचारी व मजदूर एकत्रित होने लगे और कुछ देर बार बैनर व पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने के लिए रवाना हो गए। जुलूस की सूचना मिलते की उपायुक्त कार्यालयों के गेट बंद करके पुलिस ने कड़ा पहरा लगा दिया। गेट बंद देख प्रदर्शनकारी बाहर सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता सीटू के जिला प्रधान कमलेश लाहली, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कर्मवीर सिवाच, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश सैनी ने संयुक्त रूप से की। संचालन जयकुमार दहिया, प्रकाशचंद्र और धर्मबीर हुड्डा ने संयुक्त रूप से किया। सभा में सर्व कर्मचारी संघ की उप महासचिव सविता, सीटू के प्रदेश सचिव वीरेंद्र मलिक और भवन निर्माण कामगार यूनियन के प्रदेश सचिव कामरेड विनोद ने संयुक्त रूप से कहा केंद्र सरकार ने विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध का लाभ उठाते हुए संसद में तीन लेबर कोड कानूनों को पारित कराया जबकि चौथे को पिछले साल पहले से ही पारित करा लिया गया। उन्होंने कहा 1960 के दशक से लेकर आज तक सरकार हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती आई है और फसल की खरीद कृषि उपज विपणन समितियों के माध्यम से होती है। अगर सरकार तीन नए कृषि-कानूनों को लागू करने के मामले में ईमानदार होती तो पहले एमएसपी को अनिवार्य बनाती। वहीं, आगामी आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा फरवरी में प्रदेश के मंत्रियों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इस दौरान फरवरी को कृषि मंत्री जेपी दलाल के कार्यालय पर पांच जिलों के मजदूर सीटू की अगुवाई में घेराव करेंगे। इस मौके पर बिजली कर्मचारी नेता धर्मराज कुंडू, हेमसा की राज्य अध्यक्ष शर्मिला हुड्डा, मुकेश खरब, भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला सचिव सत्यनारायण, जिला प्रधान रामभगत, नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संजय बिड़लान, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर कटारिया, हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मेकैनिकल वर्कर्स यूनियन प्रधान शिवकुमार, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान हिम्मत राणा, रणबीर दहिया, सुमेर सिवाच, बिजली कर्मचारी नेता प्रभु दयाल, विकास दहिया, राजेश मलिक, हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ के जोगिंदर दलाल, सुभाष शर्मा, महेंद्र प्रताप गुलिया, वन विभाग कर्मचारी यूनियन के जोगिंदर करोथा, भवन निर्माण कामगार यूनियन के शहर अध्यक्ष संजीव सिंह, आशा वर्कर यूनियन की कमलेश, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान बबीता, सचिव रीना, हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा के जिला प्रधान रामनिवास टिटोली, जिला सचिव भगत सिंह, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के दलेल सिंह, मनरेगा कामगार यूनियन से रीना, बलवंत, जगदीश, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नेता रमेश खरक, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के खेमचंद, ओमप्रकाश कादियान ने भी अपने विचार रखे।
एसएफआई के सदस्यों ने बेचे कैलेंडर
उपायुक्त कार्यालय के बाहर चल रहे घेराव के दौरान एसएफआई के सदस्यों ने किसान आंदोलन का मर्म दर्शाने वाले फोटो के कैलेंडर 10-10 रुपये में बेचे। कैलेंडर के फोटो देखने के बाद प्रदर्शनकारियों ने काफी संख्या में कैलेंडर खरीदे।
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