हरियाणा सरकार ने किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने और जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके बावजूद, कई किसान पराली जलाने को आसान और सस्ता विकल्प मानते हैं।
हरियाणा के रोहतक-भिवानी रोड पर पराली जलाने की एक और घटना सामने आई है। इस घटना ने इलाके में वायु प्रदूषण को और बढ़ा दिया है। खेतों में जली पराली से उठने वाले धुएं ने न केवल हवा की गुणवत्ता को प्रभावित किया, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में सांस संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा दिया है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इसलिए, इस पर तत्काल नियंत्रण आवश्यक है।