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Rohtak News: केमिकल मिलाकर बना रहे थे नामी ब्रांड का देसी घी, डेयरी सील

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जिले के लाखन माजरा कस्बे में मिलावटी देसी घी तैयार करने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस व एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) विभाग ने शनिवार को एक डेयरी में छापा डालकर भारी मात्रा में घी, टिन, डिब्बे व स्टीकर बरामद किए हैं। यहां केमिकल व रिफाइंड की मिलावट से देसी घी तैयार कर नामी कंपनियों की पैकिंग में डाला जाता है। इसके बाद इसे प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई कर दिया जाता है।
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डेयरी से 180 लीटर सरसों का तेल व 15 लीटर रिफाइंड बरामद किया है। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है। रेलवे फ्लाई ओवर के पास पकड़ी गई इस फैक्टरी में तैयार व पैक घी प्रदेश भर में सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस व एफडीए की टीम ने शनिवार को लाखन माजरा के रेलवे फ्लाईओवर के पास डेयरी में छापा डाला। यहां काफी मात्रा में मिलावटी घी बरामद हुआ। यही नहीं, नामी कंपनियों का रिफाइंड, उनकी पैकिंग, टिन डिब्बे व अन्य सामान भी मिला है। छापा डालने की सूचना मिलते ही डेयरी संचालक व तीन युवक पुलिस को चकमा देकर भाग गए।
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डेयरी पर ताला लगा मिला, टीम ने ताला खोलकर की जांच
पुलिस के अनुसार, रेलवे फ्लाईओवर के पास जगमाल उर्फ कुल्फी की डेयरी में रिफाइंड ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, सरसों का तेल मिला है। इनमें केमिकल मिलाकर नामी कंपनी का देसी घी तैयार किया जा रहा था। टीम के डेयरी पर पहुंचने पर यहां ताला लगा मिला। ताला खोलकर टीम अंदर गई और कार्रवाई की। बरामद माल की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है। लाखन माजरा पुलिस ने चार युवकों व डेरी संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, एफडीए की टीम ने सभी सामान के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।

यह सामान हुआ बरामद
पुलिस को डेयरी में काफी सामान बरामद हुआ है। इसमें प्लास्टिक कैन 30 किलो, नामी कंपनी की कंटेनर पैकिंग 450, कंटेनर 25 नग, सरसों तेल 180 लीटर, रिफाइंड 15 किलो शामिल हैं।

लाखन माजरा स्थित डेयरी से मिलावटी घी बनाने का सामान मिला है। सामान को कब्ज में लेकर डेयरी संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया है। सभी सामान को जांच के लिए भेज दिया गया है।
- सतीश कादयान, एफएसओ, एफडीए।

किडनी-लिवर व कैंसर का खतरा
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. पवन गोयल ने बताया कि मिलावटी घी के लंबे समय तक उपयोग करने से किडनी-लिवर खराब होने का खतरा अधिक है। कई तरह के कैंसर व हृदय रोग की भी आशंका रहती है। एलर्जी, पेट में अल्सर की परेशानी जल्द प्रभावी होने लगती है। गर्भवती और बच्चों के लिए नकली घी ज्यादा खतरनाक साबित होता है।
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