रोहतक। दौसा के पास हुए हादसे के लिए परिजनों ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) को जिम्मेदार ठहराया है। इसके लिए जल्द ही बाबा मस्तनाथ मठ के महंत और राजस्थान के तिजारा से विधायक बाबा बालक नाथ से मिलेंगे। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
खेड़ी साध निवासी कृष्ण ने बताया कि हादसे के कारण उनके दिवंगत भाई का पूरा परिवार खत्म हो गया है। हादसे का कारण राजस्थान के आरटीए के अधिकारी-कर्मचारी हैं, जिन्होंने अचानक कैंटर को रुकवाया था और इसी कारण दिपांशु की कार कैंटर में जा घुसी थी। कैंटर न रुकवाई होती तो यह हादसा नहीं होता। मृतक दिपांशु के चाचा कृष्ण ने बताया कि तेरहवीं के बाद दौसा जाएंगे और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे।
हादसे में चार लोगों की हुई थी मौत
शुक्रवार रात को हुए हादसे में खेड़ी साध गांव निवासी प्रमिला, दिपांशु, साक्षी और राजबाला की मौत हो गई थी। ये सभी मेहंदीपुर स्थित बालाजी धाम में दर्शन कर लौट रहे थे। रास्ते में जयपुर-आगरा हाईवे पर पर खड़े एक कैंटर से कार की टक्कर होने से हादसा हुआ था।