रोहतक/सांपला। एक महिला ने कंट्रोल रूम पर फोन कर सूचना दी कि उसके इलाके में एक समुदाय के काफी लोग आ गए हैं। पुलिस की पड़ताल में सूचना झूठी पाई गई। जिसके बाद थाना सांपला पुलिस ने रेखा पत्नी राजेश निवासी गांव गिझी के खिलाफ महामारी अधिनियम की धारा 12 और आईपीसी की धारा 188 के तहत परचा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक रेखा ने अपने मोबाइल नंबर से कंट्रोल रूम पर फोन किया। उसने कहा कि गांव में एक संप्रदाय विशेष के 10-15 लोग आ गए हैं। पुलिस की जांच में यह सूचना झूठी पाई गई, जिसके बाद रेखा के खिलाफ परचा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि झूठी अफवाह फैलाने के मामले में पहले भी कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय पहले ही अफवाह व फर्जी खबर का प्रसार करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही तरीके से करे। कोई ऐसा समाचार प्रसारित न करे जो आम जनता में घबराहट या भय की स्थिति पैदा करे। सुप्रीम कोर्ट के बाद केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने भी फर्जी खबर को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। जिनकी प्रतियां प्रेस काउंसिल, न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एसोसिएशन व नेशनल ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन को भेजी जा चुकी हैं। उपायुक्त वर्मा ने कहा कि इससे पहले भी प्रशासन भ्रामक सूचनाएं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में जींद निवासी कर्मवीर आर्य उर्फ करमू के खिलाफ परचा दर्ज किया गया था। ट्विटर पर मजदूरों के भूखा रहने की झूठी पोस्ट डालने पर सांपला पुलिस ने मनीष यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसी तरह सिविल लाइंस पुलिस ने ताश खेलने पर जुर्माना लगाने का गलत मैसेज वायरल करने वालों के खिलाफ परचा दर्ज किया था।