सोनीपत। जिले के कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में वीरवार रात सीएम फ्लाइंग और सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम की छापेमारी में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ होने से क्षेत्र के लोग हैरान हैं। क्षेत्र में ठगी करने वाले कॉल सेंटर के भंडाफोड़ होने का यह पहला मामला नहीं है।
पिछले वर्ष 12 मार्च को भी कुंडली क्षेत्र में ही पुलिस ने ग्रोव सोसाइटी में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। उस कॉल सेंटर से भी अमेरिकी नागरिकों को फोन कर खुद को बैंक कर्मचारी और एपल कस्टमर सपोर्ट का कर्मचारी बताकर ठगी करते थे।
सीएम फ्लाइंग में तैनात उपनिरीक्षक सतपाल सिंह ने थाना कुंडली पुलिस को बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्टरी नंबर-394 में अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है।
इस पर उनके नेतृत्व में एएसआई राजेश, ईएसआई महावीर, कांस्टेबल रितु, सीआईए स्टाफ के एसआई यशबीर, ईएएसआई नरेश, ईएएसआई नवीन, सिपाही जतिन और साइबर सेल के अधिकारियों की संयुक्त टीम तैयार कर फैक्टरी में छापा डाला। छापेमारी के दौरान फैक्टरी में बने कॉल सेंटरनुमा कार्यालय में 20 लोग लैपटॉप पर काम करते मिले।
कॉल सेंटर मालिक को देते थे अमेरिकी नागरिक का डाटा
सीएम फ्लाइंग की पूछताछ में कॉल सेंटर के सुपरवाइजर अक्षय ने बताया कि उसके अलावा यहां पर राहुल मुंजाल भी सुपरवाइजर है। इस कॉल सेंटर का मालिक जनकपुरी, दिल्ली निवासी आशीष गाबा है। अक्षय ने बताया वे लोग टोल फ्री नंबर 1889568881 के माध्यम से माइक्रो सिप (एसआईपी) एप से कॉल करते थे। कॉल सेंटर के सभी कर्मी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी बताकर अमेरिका के लोगों को कंप्यूटर में वायरस या तकनीकी समस्या होने का डर दिखाते थे। इसके बाद रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करवाकर डिवाइस का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे। इस दौरान कस्टमर को फर्जी स्कैनिंग दिखाकर उनके ईमेल आईडी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड आदि प्राप्त कर कॉल सेंटर के मालिक आशीष गाबा को भेज देते थे। इसके बदले में उन्हें 45 हजार रुपए तक सैलरी और तीन से पांच प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। सीएम फ्लाइंग की टीम ने जब आरोपियों से दूरसंचार विभाग का लाइसेंस, कंपनी रजिस्ट्रेशन, पेमेंट मोड, डेटा सोर्स और अन्य दस्तावेज मांगे तो वे लोग कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
किराये की बिल्डिंग में चल रहा था कॉल सेंटर
फर्जी काॅल सेंटर को कुंडली औद्योगिक इलाके के सेक्टर-57 फेज-4 स्थित इकाई संख्या में 394 में प्रथम तल पर किराये की बिल्डिंग में चलाया जा रहा था। इस इकाई के मालिक वर्तमान में स्थानीय निवासी जल सिंह दहिया हैं। हालांकि, एचएसआईआईडी ने यह जगह जोगिंद्र सिंह को अलाॅट की थी। वर्ष 2016 में जल सिंह दहिया ने इसे ले लिया और यहां काम शुरू किया। उन्होंने इसके एक हिस्से को आशीष गाबा को किराये पर दिया था। नियमों के अनुसार ऑनरशिप के बदलने या किराये पर देने की सूचना एचएसआईआईडीसी दी जानी चाहिए थी लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में विभाग की ओर से संबंधित इकाई के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
-प्रियंका, निवासी पश्चिम विहार, दिल्ली
-नितिन, निवासी गोल मार्केट, दिल्ली
-विजय, निवासी ओम विहार, उत्तम नगर, दिल्ली
-दीपांशु, निवासी प्रेम नगर, नांगलोई, दिल्ली
-शशि बाबू, निवासी गौड़ सिटी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
-राहुल राणा, निवासी तुगलकाबाद एक्सटेंशन, दिल्ली
-हरप्रीत सिंह, निवासी रवि नगर ख्याला, दिल्ली
-विशाल, निवासी महावीर एन्क्लेव, दिल्ली
-राहुल मुंजाल, निवासी प्रीतमपुरा, दिल्ली
-अक्षय अरोड़ा, निवासी तिलक नगर, दिल्ली
-रोहित, निवासी इंद्रपुरी, दिल्ली
-अविनाश, निवासी एलई लाइन, दिल्ली
- योगेश, निवासी हावड़ा, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
-मो. अली हैदर, निवासी ओम विहार, उत्तम नगर, दिल्ली
-नवीन, निवासी कृष्णा पार्क, साकेत, दिल्ली
-वरुण जैन, निवासी गुरु रामदास नगर, दिल्ली
-हक्यूमोंग, निवासी दीमापुर, नागालैंड (हाल निवासी मुनिरका, दिल्ली)
-इंद्र ठाकुर, निवासी पश्चिम विहार, दिल्ली
-सपना उर्फ बबीता, निवासी ओम विहार, उत्तम नगर, दिल्ली
-श्रुति वर्मा, निवासी जीवन विहार, उत्तम नगर, दिल्ली