जसिया चौक पर जाट आंदोलन दूसरे दिन भी रहा शांतिपूर्ण
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर जसिया चौक पर चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। वक्ताओं ने धरने पर बैठे लोगों का उत्साह बढ़ाया और खापों को पत्र भेजने के अलावा कई अन्य मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किया गया। दूसरी ओर, आईजी और कमिश्नर समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारियों से बातचीत नहीं की। उन्होंने हाईवे पर फोर्स को दिशा-निर्देश दिए और लौट गए।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के खिलाफ बयानबाजी करने वाले नेताओं पर कटाक्ष किया। प्रस्ताव पास किया गया कि जो लोग मलिक पर राजनीतिक पार्टी से जुड़े होने का आरोप लगा रहे हैं वह इसे प्रमाणित करें। यदि प्रमाणित नहीं कर पा रहे तो सार्वजनिक मंच से अपने बयान को वापस लें, अन्यथा ऐसे लोगों का समाज से बहिष्कार किया जाएगा। धरना स्थल कमेटी की तरफ से खाप प्रतिनिधियों को भी पत्र भेजा गया। कहा गया कि खाप जाट समाज राहत कोष की धनराशि को जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों में बांट दे। वक्ताओं ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेताया है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह भूख हड़ताल भी करेंगे। हाईकोर्ट में आरक्षण के मामले पर हुई सुनवाई पर उन्होंने सरकार पर हीलाहवाली का आरोप लगाया। कहा कि सरकार जाट आरक्षण को लेकर मजबूती के साथ पैरवी नहीं कर रही है।