रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के सांख्यिकी विभाग में वीरवार को सॉफ्टवेयर ड्रीवन स्टैटिसटिक्स टेक्नीक्स फॉर डाटा एनालिसिस विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवीनतम सांख्यिकी तकनीकों और उन्नत सॉफ्टवेयर टूल्स के उपयोग के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग के प्रो. मुकेंद्र सिंह ने एसपीएसएस का उपयोग करके वर्णनात्मक सांख्यिकी और सहसंबंध विश्लेषण पर दो व्यावहारिक व्याख्यान दिए। उन्होंने अपने व्याख्यानों में केन्द्रीय प्रवृत्ति, फैलाव और डेटा विजुअलाइजेशन तकनीकों के उपायों सहित वर्णनात्मक सांख्यिकी का व्यापक अवलोकन प्रस्तुत किया।
उन्होंने वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से चरों के बीच संबंधों की पहचान करने में सहसंबंध विश्लेषण के महत्व को भी समझाया। उन्होंने जटिल और बड़े डेटा सेट को कुशलतापूर्वक संभालने में एसपीएसएस की क्षमताओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के पहले दिन सांख्यिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एससी मलिक ने स्वागत भाषण दिया। शाम के सत्र में जयपुर के मणिपाल विश्वविद्यालय के डॉ. आशीष कुमार ने जामोवी (ओपन-सोर्स टूल) के साथ डेटा विज्ञान को सशक्त बनाना विषय पर दो व्याख्यान दिए। उन्होंने डेटा विज्ञान के युग में सांख्यिकी की बढ़ती भूमिका और सुलभ विश्लेषणात्मक उपकरणों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने जामोवी नामक एक ओपन-सोर्स सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर पेश किया और इसके उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस और शक्तिशाली कार्य क्षमताओं को प्रदर्शित किया। उन्होंने जामोवी की इंटरएक्टिव विशेषताओं का उपयोग करके डेटा आयात, सांख्यिकीय विश्लेषण और परिणाम व्याख्या के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।