फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुलासा: ईएमयू में आग की शुरुआत दूसरे कोच से हुई

विज्ञापन
विज्ञापन
नीरज वर्मा
विज्ञापन

रोहतक। डाउन यार्ड में खड़ी ईएमयू में आग लगने के मामले में स्टेशन अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि सबसे पहले आग दूसरे नंबर के कोच में लगी। रिपोर्ट के साथ बतौर साक्ष्य कुछ रिकॉर्डिंग भी मुख्यालय भेजी गई हैं।
वीरवार को डाउन यार्ड में खड़ी ईएमयू में आग लगने से तीन कोच जल गए थे और एक आंशिक रूप से जला था। रेलवे के अनुसार, पहला कोच नंबर 30141, दूसरा कोच 31172, तीसरा कोच 31208 व चौथा कोच 31129 में आग लगी। जिसमें तीन कोच पूरी तरह से जल गए थे और एक आंशिक जला मगर चालक केबिन बच गई। हादसे के बाद एजीएम नवीन गुलाठी व प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सीमा कुमार निरीक्षण करने आईं। दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले पूछा कि आग पहले किस कोच में लगी? मौजूद कर्मियों ने बताया कि सबसे आगे के कोच नंबर 30141 में आग लगी। जले तीनों कोच देखने के बाद यह बात अधिकारियों के गले नहीं उतरी। मौजूद लोगों ने विपरीत हवा का रुख होने की वजह से आग बढ़ने की बात कही। दोनों अधिकारी पहले कोच के पास पहुंचे और फिर पूछा कि आग पहले किस कोच में लगी तो वहीं जवाब मिला। उन्होंने बारीकी से पहले आग देखने वाले लोगों से बात की और फिर रेल और व आरपीएफ कर्मियों से बात की। पहले आग लगने का सवाल संतोषजनक नहीं मिलने पर एजीएम ने स्टेशन अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी।
विज्ञापन

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्टेशन अधीक्षक ने रिपोर्ट में खुलासा किया है कि आग दूसरे कोच संख्या 31172 में पहले लगी। लपटें उठने के दौरान हवा का रुख विपरीत था, जिससे आग आगे-पीछे के कोच तक पहुंची। आग से तीसरा कोच नंबर 31208 पूरी तरह जला और चौथा कोच 31129 आंशिक जला। विपरीत हवा का रुख होने की वजह से चालक की केबिन जलने से बच गई। यह खुलासा प्राथमिक जांच और कई वीडियो रिकॉर्डिंग में भी हुआ है, जो भेजी गई है।
-------------------
दिल्ली मुख्यालय में कर्मचारियों के दर्ज हुए बयान
ईएमयू में आग लगने की जांच मुख्यालय में भी चल रही है। इसके चलते जीआरपी, ट्रैफिक, स्टेशन अधीक्षक आदि विभागों के अधिकारियों पर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
---------------------
ईएमयू में आग की तपिश से झुलस सकते हैं कर्मी
ईएमयू में लगी आग की तपिश में कुछ कर्मियों का झुलसना लगभग तय हो गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्टेशन पर खड़ी ट्रेन को बंद करने के मसले पर कोच ऐंड वैगन विभाग का कहना है कि ऐसे कोई आदेश नहीं है। ईएमयू की सफाई का काम भी गाजियाबाद में होता है। सबसे पहले आग देखने वाले आरपीएफ कर्मियों से भी कई बिंदुओं पर जांच हुई है। स्टेशन अधीक्षक के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से भी जानकारी जुटाई गई है। यातायात प्रभारी और पावर केबिन कर्मियों से भी कई बिंदुओं पर तथ्य जुटाए गए हैं। वहीं, अब रेलवे कर्मियों के बीच खासी चर्चा है कि जांच पूरी होने के बाद आग की तपिश में कुछ कर्मियों का झुलसना तय है।
--------------------------
दिल्ली रेल मंडल के डीआरएम का निरीक्षण हुआ रद्द
दिल्ली रेल मंडल के डीआरएम और एडीआरएम को निरीक्षण करने के लिए दोपहर करीब दो बजे स्टेशन पहुंचना था, मगर अंतिम समय में कार्यक्रम निरस्त हो गया। दोनों अधिकारियों को रेल बस से आना था, जिसको लेकर स्टेशन पर समुचित इंतजाम किए गए।
विज्ञापन

वर्जन
जांच में खुलासा हुआ है कि आग दूसरे कोच में पहले लगी। लपटों ने आगे-पीछे के कोच को चपेट में लिया। हवा विपरीत होने की वजह से चालक केबिन बच गई। वहीं, दूसरी तरफ तीसरा कोच पूरी तरह जल गया और चौथे में भी आग पहुंच गई। रिपोर्ट और रिकॉर्डिंग मुख्यालय भेज दी गई हैं।
- बीएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें