रोहतक। कोरोना संक्रमण के चलते पीजीआईएमएस में रविवार को होने वाले सीएम के सम्मान समारोह को रद्द कर दिया गया है। इस आयोजन का विरोध किसान संगठनों के अलावा मिशन एकता समिति की अध्यक्ष कांता आलडिया भी कर रही थीं। संस्थान व प्रशासन के लिए कोरोना के साथ-साथ विरोधी गुटों से भी निपटना चुनौती बना हुआ था। पीजीआईएमएस रोहतक को अब अग्निपरीक्षा नहीं देनी होगी।
ज्योतिबा फुले व आंबेडकर जयंती पर पीजीआईएमएस के खेल मैदान में 11 अप्रैल को अनुसूचित जाति एवं जनजाति मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा की ओर से मुख्यमंत्री के सम्मान समारोह का आयोजन किया जाना था। इस संबंध में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व पीजीआईएमएस प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थी, लेकिन देर रात सीएम के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। एक दिन में जिले में 121 नए कोरोना के केस और 540 एक्टिव केसों को देखते हुए कार्यक्रम को रद्द किया गया है। इसके साथ अंदेशा यह भी था कि पीजीआईएमएस कोरोना संक्रमणकाल में हॉट स्पॉट बना हुआ है और कई डॉक्टर, नर्स व स्टाफ संक्रमित हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई थी।
पुलिस प्रशासन ने कर ली थी पूरी तैयारी
डीएसपी हेड क्वार्टर गोरखपाल राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने रेंज के सभी जिलों से ढाई हजार पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया था। जिले में 44 प्वाइंट बनाए गए थे और हर प्वाइंट पर एक व दो कंपनियां तैनात की गई थीं। इसमें महिला पुलिस बल भी शामिल थी। इसके अलावा जिले में छह हेलीपैड बनाए गए थे। पुलिस की ओर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर शनिवार को रिहर्सल भी की गई। पिछली बार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुए विरोध को देखते हुए अलग-अलग प्वाइंट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर पुलिस ने मकड़ौली टोल पर धरना दे रहे किसानों के साथ बैठक भी की और उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की जानकारी देने के साथ विरोध करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।