रोहतक। यौन शोषण की सजा काट रहे राम रहीम को सबसे ज्यादा डर कोरोना से लगता है। अपने को ठीक बताते हुए उसने कोरोना टेस्ट से इनकार कर दिया। उसका यही डर हनीप्रीत व परिवार वालों से मिलने की जिद को मनवाने में पुलिस अधिकारियों को काम आया। प्रदेश सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन (एसओपी) के तहत उसे पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।
राम रहीम ने पीजीआई में भर्ती रहने के दौरान डॉक्टरों की जांच के बाद साढ़े चार घंटे की नींद ली। रात डेढ़ बजे सोने के बाद सुबह छह बजे उठा। उसे अस्पताल प्रबंधन की ओर से नाश्ता व खाना भी उपलब्ध कराया गया। जिसकी पूरी वीडियो रिकार्डिंग की गई है। इतना ही नहीं वीआईपी की तरह उसके खाने से पहले सैंपल लिए गए। जिसके बाद उसे उपलब्ध कराया गया। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से जारी एसओपी के तहत उसके खाने से लेकर सुरक्षा में डीएसपी स्तर के अधिकारी की तैनाती के आदेश है। सूत्रों के अनुसार राम रहीम को कोरोना के किसी तरह के लक्षण नहीं थे। उसे कोरोना से डर लगता है। उसने जांच कराने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों व पुलिस अधिकारियों से उसने कई बार पत्नी बेटे व हनीप्रीत से मिलने की जिद की। जिस पर उसे सलाह दी गई कि वह किसी भी बाहरी आदमी से न मिले नहीं तो संक्रमण आ सकता है। बताते हैं यह बात उसके दिमाग में घर कर गई। उसने फिर परिवार वालों से मिलने की जिद छोड़ दी। हालांकि पुलिस की ओर से साफ निर्देश था कि अदालत के आदेश के बाद ही मुलाकात हो सकती है। इतना ही नहीं पुलिस की ओर से राम रहीम के वार्ड में पहुंचने से पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। उसकी पूरी गतिविधि कैमरे में कैद रही।
वर्जन
राम रहीम को पुलिस कस्टडी के दौरान जो भी सुविधा दी गई हैं। उसे प्रदेश सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन (एसओपी) के तहत मिली हैं। पुलिस ने उसका पूरी तरह से पालन किया है।
- गोरखपाल राणा, डीएसपी हेड क्वार्टर, रोहतक।