रोहतक। पूर्व सैनिकों ने हर विभाग में एक्स-सर्विसमैन का कोटा तय करने और विधायक-सांसद के पदों पर आरक्षण की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सदन में भागीदारी से पूर्व सैनिकों की समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचेंगी। पूर्व सैनिकों ने हर जिले में सैनिक भवन बनाने और टोल टैक्स पूरी तरह फ्री करने की मांग की।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि सेवारत सैनिक का टोल टैक्स माफ है लेकिन रिटायरमेंट के बाद वसूली मान-सम्मान पर ठेस है। वहीं, अग्निवीर योजना को भारत जैसे बड़े देश के लिए ठीक नहीं बताया। कहा कि योजना युवाओं की समझ से बाहर है और शहीद अग्निवीर को शहीद का दर्जा भी नहीं मिलता।
वायुसेना में टेक्नीशियन को तैयार होने में चार साल लगते हैं तो चार साल का अग्निवीर कैसे निपुण होगा? पूर्व सैनिक सीलक राम कहते हैं कि अग्निवीर का ट्रायल सीआरपीएफ, बीएसएफ या आईटीबीपी में होना चाहिए था न कि सेना पर। अग्निवीरों के लिए नौकरी का प्रावधान भी जरूरी है।
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विधायक और सांसद के लिए पद के लिए आरक्षण देना चाहिए ताकि सरकार के साथ चलकर सैनिकों की जिम्मेदारियों और परेशानी को समझा जा सके। इससे पूर्व सैनिकों को काफी सुविधा मिलेगी। हर जिले में सैनिक भवन बनने चाहिए। अग्निवीर छोटे देशों में कारगर हैं लेकिन बड़े देशों में यह युवाओंं और सेना के हित में नहीं है।
- उमेश दहिया, प्रधान, एयर वेटरन एसोसिएशन
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युवाओं की ओर से अग्निवीर को समझ पाना मुश्किल हो रहा है। अगर सेना के दौरान कोई अग्निवीर शहीद हो जाता तो उसे शहीद का दर्जा नहीं मिलता है। देश की रक्षा और सेना सम्मान के लिए सरकार को इस पर विशेष कदम उठाने चाहिए। टेक्निशियन को ट्रेनिंग के बाद वह सर्विस के लिए करीब छह साल में ट्रेंड होता है। ऐसे में देश की रक्षा के लिए चार अग्निवीर मजबूत होगा।
- कुलदीप हुड्डा, पूर्व सैनिक, वायु सेना
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अगर पूर्व सैनिकों की भागीदारी विधानसभा, राज्यसभा और लोकसभा में सुनिश्चित होगी तो पूर्व सैनिक वर्ग अपनी समस्या और बात को सीधे रख सकता है। अगर सेवारत सैनिक का टोल टैक्स माफ है और सेवानिवृत्ति के बाद टोल वसूल किया जाता है तो पूर्व सैनिक के मान-सम्मान पर बहुत बढ़ी ठेस पहुंचती है।
- हवलदार नरेंद्र सिंह
23-उमेश दहिया, प्रधान, एयर वेटरन एसोसिएशन।
23-उमेश दहिया, प्रधान, एयर वेटरन एसोसिएशन।