संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर पूर्व सैनिकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि 4 साल की नौकरी से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं है। पहले भर्तियों में लंबी लाइन लगती थी अब संख्या घट गई है। अगर पूरी योजना में सुधार नहीं किया जाए तो कम से कम 75 प्रतिशत को नियमित किया जाए।
पूर्व सैनिक संघ के प्रवक्ता कैप्टन जगबीर मलिक ने कहा इस योजना के तहत सरकार को कम से कम 75 प्रतिशत युवाओं को नियमित करना चाहिए। अग्निवीर के बच्चों को स्कूल व कॉलेजों में कोई आरक्षण नहीं है न ही छात्रवृत्ति का प्रावधान है।
निधन के बाद परिवार को सहायता, आर्थिक लाभ व सुरक्षा लाभ राशि की भी कोई गारंटी नहीं है। सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। नहीं तो युवा युवा देश की रक्षा के लिए आगे आने से कतराएंगे।
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सेना से चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य सरकार की ओर से पक्की नौकरी का कोई स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आ रहा है। सेवानिवृत्त सैनिकों को जो सुविधाएं और लाभ मिलते हैं, वही अग्निवीरों को भी दिए जाने चाहिए।
- कैप्टन बलवान सिंह अहलावत, मॉडल टाउन
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चार साल की नौकरी में न तो जज्बा बनता है और न ही भविष्य सुरक्षित होता है। अग्निवीर बनकर युवा न पूरी तरह फौजी बन पाता है और न ही उसे पूर्व सैनिक जैसा सम्मान मिलता है। मेडिकल और कैंटीन जैसी सुविधाओं से वंचित रहने के कारण वह खुद को ठगा हुआ महसूस करता है।
- सूबेदार सुरेंद्र सिंह, पूर्व सैनिक, कारौर।
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अग्निवीर योजना का ट्रायल रक्षा मंत्रालय के बजाय गृह मंत्रालय के स्तर पर किया जाना चाहिए था। देश की सीमाओं की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है। अग्निवीरों में से बेहतर प्रदर्शन करने वाले और योग्य युवाओं को भारतीय सेना में स्थायी रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
- हवलदार नरेंद्र सिंह, पूर्व सैनिक, शास्त्री नगर, रोहतक।
10- हवलदार नरेंद्र सिंह, पूर्व सैनिक, शास्त्री नगर, रोहतक
10- हवलदार नरेंद्र सिंह, पूर्व सैनिक, शास्त्री नगर, रोहतक
10- हवलदार नरेंद्र सिंह, पूर्व सैनिक, शास्त्री नगर, रोहतक