माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम यूथ रेडक्रॉस समिति ने स्वराज सदन में आयोजित किया। इसका उद्देश्य युवाओं को प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि जान बचाने के लिए युवाओं का प्राथमिक उपचार, सीपीआर और आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित होना आवश्यक है। उन्होंने आपदा प्रबंधन के तीन प्रमुख चरणों पर प्रकाश डाला।
इनमें आपदा से पहले तैयारी, जोखिम कम करना और आपदा के दौरान प्रभावी प्रतिक्रिया शामिल हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों, पुस्तकालय और छात्रावास के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने आपदा के समय यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और व्यावहारिक दक्षता हासिल करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण सत्र और प्रदर्शन
कार्यक्रम में जिला रेड क्रॉस सोसायटी के जिला प्रशिक्षण अधिकारी रवि दत्त ने एक तकनीकी सत्र लिया। उन्होंने प्राथमिक उपचार के स्वर्णिम नियमों पर विस्तृत जानकारी दी। फायर स्टेशन अधिकारी जसमेद और उनकी टीम ने भी प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रदर्शन करके दिखाया।
अतिथियों का स्वागत और उपयोगिता
यूथ रेड क्रॉस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अंजू धीमान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. सपना गर्ग ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वाईआरसी परामर्शदाता प्रो. समंदर कौशिक ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर चौ. रणबीर सिंह संस्थान के निदेशक प्रो. संदीप मलिक, वाईआरसी परामर्शदाता डॉ. बिंदु अहलावत, डॉ. मीनू भान और डॉ. दीपक लठवाल समेत कई शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।