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Rohtak News: इंटर्न चिकित्सकों के ओपीडी संभालने के बाद भी 4500 मरीज प्रभावित, 25 को इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी

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रोहतक/कलानौर/ सांपला/महम। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएएस) ने मांगों और सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ सोमवार को दो घंटे का पेनडाउन हड़ताल किया। इसमें जिलेभर के उपमंडल अस्पताल समेत 8 सीएचसी और 17 पीएचएसी में आने वाले करीब 4500 मरीज प्रभावित हुए।
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जिलेभर के मरीज हुए परेशान
कलानौर, सांपला व महम उपमंडल नागरिक अस्पताल में सोमवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी सेवा बंद रही। रविवार को छुट्टी के कारण सोमवार को ओपीडी खुलने पर इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। ओपीडी में चिकित्सक नहीं मिले। इस वजह से मरीजों को इंतजार करना पड़ा। उपमंडल नागरिक अस्पताल में हर दिन औसतन 500 मरीज इलाज के लिए ओपीडी के लिए आते हैं।

इंटर्न के साथ डिप्टी सीएमओ ने ओपीडी में देखे मरीज
नागरिक अस्पताल में सुबह एचसीएमएएस एसोसिएशन के हड़ताल के चलते ओपीडी का इंटर्न चिकित्सकों ने मोर्चा संभाला। वहीं सीएमओ ऑफिस से डिप्टी सीएमओ डॉ. सभरवाल और डॉ. अनलजीत व डीएमएस संदीप ने ओपीडी में मरीजों की जांच की।
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वरिष्ठ चिकित्सकों ने 10:44 पर संभाली ओपीडी
नागरिक अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सकों ने 10:44 पर दोबारा से ओपीडी संभाल ली। इसके बाद मरीज कतार में लग गए। दवा के लिए औषधालय पर भी लंबी लाइन लगी।


मांगे न मानने पर 25 जुलाई को इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी : विश्वजीत राठी
एचसीएमएस रोहतक के प्रधान डॉ. विश्वजीत राठी और वरिष्ठ उपप्रधान डॉ. हरमिंद्र ने पत्रकारों को बताया कि सरकार को कोरोना वॉरियर्स से किए वादे पूरे करने चाहिए। कोरोना के वक्त चिकित्सकों ने जान पर खेलकर मरीजों को बचाया। चिकित्सकों के परिवार में कई समस्याएं आने के बाद भी वह अपने कर्तव्य पथ से नहीं हिले। इसके बावजूद उन्हें अब तक महंगाई भत्ता भी नहीं दिया गया। यह कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सकों के साथ घोर अन्याय है। हमारी मांगे बहुत ही सामान्य है। मांगें नहीं मानी गई तो 25 जुलाई को इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।

इमरजेंसी और डेंटल ओपीडी सेवाएं सुचारु चली
सोमवार को डेंटल की ओपीडी सुचारु चली। वहीं इमरजेंसी सेवाएं जैसे की ओटी, आईसीयू, एनआईसीयू, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पोस्टमार्टम आदि की सेवाएं सुचारु रूप से चली।



मरीजों को परेशानी
बाल रोग विशेषज्ञ से बच्चे की जांच कराना था, लेकिन चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इसके कारण बच्चे को काफी देर तक कंधे पर लेकर घूमना पड़ा। बहुत परेशानी हुई।
-शोभा, डी पार्क

पूरा दिन खराब हो गया। अब क्या चिकित्सक इलाज करेंगे। इतनी लंबी कतार लग गई है। अब किसी और दिन आकर ही इलाज कराएंगे। पिछले 4 घंटे हो गए हैं। अब तक नंबर नहीं आया।
-रेखा, सिसरौली गांव

जानकारी के अभाव में घंटों खराब हो गए। 11 बजे तक ओपीडी सामान्य हुई, लेकिन कतार बहुत लंबी कतार लग गई। सुबह आठ बजे से आया हूं और 12 बजे तक भी इलाज नहीं हुआ है।
-सुमित, सुखपुरा चौक

आंख के ऑपरेशन के लिए आए हुए थे, लेकिन डॉक्टर न होने के कारण इंतजार में बैठे रहे। सुबह 7 बजे नागरिक अस्पताल पहुंच गए लेकिन 11 बजे तक इलाज नहीं हो पाया।
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राजवीर, सोनीपत






यह है मांगें
-चिकित्सकों की स्थाई भर्ती
-पीजी पॉलिसी में बॉन्ड की राशि 1 करोड़ से घटाकर 50 लाख की जाए।
-स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की कमी को पूरा करते हुए स्पेशलिस्ट कैडर का निर्माण किया जाए।
-मांगें नहीं मानी को 25 जुलाई को इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
-केंद्र सरकार के अनुसार हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों को भत्ते दिए जाएं।
-एसएमओ की सीधी भर्ती पर लगे रोक।

वर्जन
ओपीडी में डिप्टी सीएमओ ने कार्यभार संभाल लिया था। मरीजों को इलाज में कोई समस्या न आए इसके लिए प्रबंध कर दिए गए थे। ओपीडी सुचारु रूप से चली।
-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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