रोहतक। मानसून में जलभराव से शहर को बचाने के लिए नगर निगम ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शनिवार को सुखपुरा चौक और छोटूराम चौक पर पुलिस सुरक्षा में बुलडोजर चलाकर नालों पर किया गया पक्का अतिक्रमण तोड़ा गया। आज निगम की टीम शिवाजी कॉलोनी बाजार में कार्रवाई करेगी। नालों के ऊपर साथ-साथ स्लैब रखे जाएंगे, ताकि दुकानदारों को दिक्कत न हो। अतिक्रमण करने पर दो दिन में 100 दुकानदारों को नोटिस दिए जा चुके है।
शहर में हर साल छोटूराम चौक, शांतमई चौक, सुखपुरा चौक, शिवाजी कॉलोनी बाजार से लेकर 20 जगह बारिश के मौसम में जलभराव होता है। निगम हर साल लाखों रुपये खर्च कर नालों की सफाई करवा रहा था, लेकिन कई जगह नालों पर पक्का स्लैब डाले जाने के कारण नाले पूरी तरह साफ नहीं हो पा रहे थे।
नगर निगम ने दो सप्ताह पहले 1.30 करोड़ रुपये में नालों की सफाई का ठेका दिया था। अब तक मात्र 30 से 40 प्रतिशत नालों की सफाई हुई है, जबकि मानसून की बारिश कभी भी आ सकती है।
दो दिन का नोटिस देकर कार्रवाई, सिफारिश नहीं आई काम
सदन की बैठक में पार्षद डिंपल जैन ने मुद्दा उठाया था कि जिस ठेकेदार को पिछली बार ठेका दिया था, उसे ही इस बार ठेका दे दिया गया। पिछली बार कई जगह नालों की सफाई नहीं हुई। निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने भरोसा दिलाया था कि हर जगह नालों की सफाई होगी। बताया जा रहा है कि कई असरदार लोगों ने नेताओं के फोन करवाकर तोड़फोड़ से बचने का प्रयास किया। दोपहर निगम की टीम ने पहले टीबी अस्पताल से सुखपुरा चौक व इसके बाद छोटूराम चौक से नारायण कॉम्प्लेक्स तक पक्का अतिक्रमण हटाया। कई मोबाइल शॉप से लेकर सांघी अस्पताल के बाहर से भी नालों पर बना अतिक्रमण तोड़ा गया।
चौटाला सरकार के कार्यकाल में 2000 में डीसी अशोक यादव के कार्यकाल में शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए यूं तोड़फोड़ की गई थी। उसके बाद अब निगम आयुक्त के निर्देश पर बिना भेदभाव कार्रवाई की गई है।
कपिल नागपाल, पार्षद, वार्ड-7
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आम लोगों से आग्रह है कि नालों पर अतिक्रमण न करें। इससे नालों की सफाई नहीं हो पाती। इससे बारिश के समय जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। बिना भेदभाव अतिक्रमण हटाया जा रहा है। दुकानदार स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाएंगे तो निगम की टीम कार्रवाई करेगी, इससे अधिक हानि हो सकती है।
डाॅ. आनंद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम