बिजली कर्मचारी 8 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे।
ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन की रविवार को हुई राज्यस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों ने बिजली संशोधन बिल-2014 का कड़ा विरोध जताया।
बैठक की अक्ष्यक्षता कर रहे यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष देवेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हड़ताल को सफल बनाने के लिए व उपभोक्ता विरोधी बिंदुओं की जानकारी देने के लिए विभिन्न जिलों में 20 से 30 नवबंर तक उपभोक्ता व कर्मचारी सम्मेलन किए जाएंगे।
25 नवंबर को होने वाली रैली में भी पहुंचने का आह्वान भी किया।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर एसोसिएशन के चेयरमैन शैलेंद्र दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार गुजरात सहित 18 राज्य सरकारों और कर्मचारियों एवं इंजीनियरों के तीखे विरोध के बावजूद आगामी शीतकालीन सत्र में जनविरोधी बिजली संशोधन बिल-2014 को पारित कराने पर अड़ी है।
अगर यह बिल पास होता है तो गरीबों व किसानों की पहुंच से बिजली दूर हो जाएगी। संपूर्ण बिजली क्षेत्र पर बड़े पूंजीपतियों का कब्जा होगा। यही कारण है कि देश के 12 लाख इंजीनियर व कर्मचारी 8 दिसंबर को हड़ताल करने पर मजबूर हैं।
वहीं इलैक्ट्रिसिटी इंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव सुभाष लांबा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की पूर्व एनडीए सरकार ने बिजली कानून-2003 बिल लागू किया था और राज्य बिजली बोर्डों को तोड़कर उनका निगमीकरण किया था। जिससे राज्य बिजली बोर्डों का आर्थिक घाटा 26 हजार करोड़ से बढ़ कर 3.5 लाख करोड़ हो गया था।
ये रहीं प्रमुख मांगें
यूनियन ने सरकार से बिजली संशोधन बिल-2014 रद करने, बिजली दर घटाने, 24 घंटे बिजली मुहैया करने, बिजली अधिकार को मानव अधिकार बनाने, बिजली कट पर लगाम लगाने, प्राकृतिक ऊर्जा संसाधनों का निजीकरण बंद करने, निजीकरण, आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा बंद करने, बिजली खरीद संबंधी सभी समझौते व एमओयू को रद्द करने की मांग की।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में एटक के महासचिव बेचुगिरी, सीटू के महासचिव सतवीर सिंह, एआयूटीसी के महासचिव हरी प्रकाश, इंटक के महासचिव अनुप सिंह, हिंद मजदूर सभा के सचिव, किसान सभा के राज्य प्रधान मा. शेर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व महासचिव सतपाल सिवाच, नागरिक मंच के प्रधान, जनवादी महिला समिति की प्रधान राजकुमारी, एसएफआई से सुमित दलाल, रमेश राठी, रमेश चंद, एमपी सिंह, भूप सिंह, अजय वशिष्ठ, नरेश कुमार, सुरेन्द्र यादव और रामहेर शर्मा ने हिस्सा लिया।