आईसी कॉलेज से परीक्षा देकर निकले सोनीपत निवासी ललित का कहना था कि पेपर आसान था, लेकिन इसका फायदा तभी होगा] जब पेपर कैंसिल न हो।
फिलहाल तो डर सता रहा है कि कहीं पहले की भांति यह पेपर भी लीक न हो जाए।
छात्रा मुकेश और पूनम का कहना है कि पेपर कठिन नहीं था। जिसने पेपर की तैयारी कर रखी थी, वह आसानी से पास हो सकता है।
अगर पेपर कैंसिल हो गया तो सभी तैयारियां धरी की धरी रह जाएगी।
- महम निवासी राकेश और रवींद्र का कहना था कि जिस तरीके से पेपर की तैयारी कर रखी थी, पेपर में अधिकतर वही प्रश्न थे।
कुछ भी कठिन नहीं था, लेकिन जिस तरह पेपर को लेकर अफवाह उड़ रही है, उससे नहीं लगता कि इस पेपर की नैया पार हो सकेगी।
व्हाट्स एप पर चला आंसर-की का दौर
परीक्षा को लेकर दिन भर व्हाट्स एप पर भी लोग अपडेट रहे। कई के पास आंसर-की भी दिखाई दी, लेकिन वह सही थी या गलत थी, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
इसे लेकर लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। लोग एक-दूसरे से फोन कर पूछते रहे कि आखिर पेपर लीक हुआ है या फिर नहीं।
वीएन स्कूल में बदलना पड़ा सीटिंग प्लान
अस्थल बोहर के वीएन स्कूल में शाम की परीक्षा से कुछ देर पहले ही सीटिंग प्लान चेंज करना पड़ा। दरअसल, स्कूल प्रबंधन परीक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं करना चाहता था।
हालांकि सीटिंग प्लान चेंज होने के कारण शाम की पारी की परीक्षा करीब आधा घंटा देर से शुरू हो सकी।
परीक्षा छूटने पर किया हंगामा
परीक्षा के दौरान केंद्र पर पूरी सख्ती बरती गई थी। किसी भी केंद्र पर बिना आईडी प्रूफ के अभ्यर्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया।
सूर्य नगर निवासी जयवीर, मोना और कविता ने बताया कि उनके पास आईडी प्रूफ की फोटो कॉपी थी। फिर भी उन्हें परीक्षा केंद्र में नहीं घुसने दिया गया।
इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों ने हंगामा भी किया, लेकिन फिर भी वह परीक्षा नहीं दे सके।
जैमर बने मुसीबत , नहीं मिले फोन
परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने हर हथकंडा अपनाया था। परीक्षा केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए थे, जिस कारण परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्रों के आसपास दिन भर फोन का नेटवर्क गड़बड़ाया रहा। परीक्षा खत्म होने के बाद भी फोन का नेटवर्क ठीक हो सका।