संवाद न्यूज़ एजेंसी
सांपला। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बुधवार को पैरेलल निजी डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस, अलग एग्रो डिस्कॉम के गठन और स्मार्ट मीटर के विरोध में सब अर्बन डिवीजन नंबर दो सांपला में विरोध प्रदर्शन किया। मोर्चा ने 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है।
कर्मवीर सिवाच ने कहा कि एग्रो डिस्कॉम के नाम पर सरकार किसानों और कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात कर रही है। यह 5500 करोड़ रुपये के घाटे के साथ शुरू होगी। इससे किसानों को मौजूदा 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली नहीं मिल पाएगी।
सरकार इसी घाटे को आधार बनाकर किसानों को निजी कंपनियों के रहमोंकरम पर छोड़ देगी। एससी, बीसी व एसटी वर्कर्स यूनियन से सुरेश भुक्कल ने बताया कि प्रदेश के करीब 92 लाख उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बदलने में प्रति मीटर 10000 रुपये का औसत खर्च आएगा।
पावर यूटिलिटी यह खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं है। राज्य कमेटी के नेता प्रेम सिंह ने कहा कि नूंह व गुरुग्राम से बिजली कंपनियों को सबसे ज्यादा राजस्व प्राप्त होता है। उसी क्षेत्र में 11 पावर कंपनी को पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस देने की पहल बिजली विभाग को दिवालिया करने और निजीकरण की ओर धकेलने का प्रयास है।
कार्यकारी अभियंता अनिल नागर ने बताया कि हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन, हरियाणा पावर इंजीनियर संगठन, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन और एससी-बीसी-एसटी इंप्लाइज वर्कर यूनियन सहित कई संगठन इस मोर्चे के बैनर तले निजीकरण के खिलाफ लामबंद हैं।
धरने की अध्यक्षता ज्वाइंट एक्शन कमेटी से प्रेम सिंह, राजेश यादव और सुरेश भुक्कल ने की। मंच संचालन प्रधान नरेंद्र बल्हारा ने किया। इस दौरान धर्मराज कुंडू, प्रमेश मलिक, सुशील कत्याल, संदीप गोयत, महेश कुमार, संदीप, तकदीर कुंडू और जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।