रोहतक। बिजली निगम की ओर से निर्बाध बिजली देने के लिए सब अर्बन-दो के उपकरणों में सुधार किया गया है। रोहतक सर्कल के सब अर्बन-दो में आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत पुराने तार बदलने से लेकर फीडर बांटने पर 45 करोड़ रुपये से 100 प्रतिशत काम पूरे कर लिए गए हैं।
बिजली निगम ने उपकरण सुधार के लिए आरडीएसएस के तहत वर्ष-2023 में कार्य शुरू किया था। इसमें सर्कल के अंदर 157 करोड़ रुपये से कार्य किया जाना है। सर्कल के तीन उप मंडलों में से सब अर्बन-दो (उप शहरी मंडल-2) का फुट सर्वेक्षण के अनुसार 45.07 करोड़ रुपये की लागत से शत-प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।
अधिकारियों ने दावा है कि उप शहरी मंडल-2 में बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की परेशानियों से निजात मिलेगी। इसके तहत महम, कलानौर व रोहतक के कुछ हिस्से में बिजली निगम ने खुले तार व एबी केबल बदलने और विस्तार करने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि पुराने कंडक्टर बदलने, 11 केवी फीडरों के बांटने व खंभे लगाने के काम किए गए हैं। इस उप शहरी मंडल में 9 मीटर के 1975 और 11 मीटर के 2941 खंभे लगाए गए हैं।
सब अर्बन-दो में योजना के तहत बिजली उपकरण सुधार कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो गया है। बिजली उपकरण नवीकरण से उम्मीद है कि बिजली उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। -सीमा रानी, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम।
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