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शिक्षामंत्री और विभाग के दफ्तर को नहीं पता कब बढ़ेंगी सीटें

Thu, 28 Jul 2016 01:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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रामबिलास शर्मा - फोटो : file photo
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स्नातक कोर्सों में दाखिले के लिए सरकारी कॉलेजों में सीटें नहीं बढ़ाने का मामला गरमाता जा रहा है। जबकि शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की घोषणा के बाद हजारों विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन सरकारी कॉलेजों में लिखित आदेश नहीं आने से सीटें नहीं बढ़ाई गईं। इस कारण हर रोज सैकड़ों छात्र-छात्राएं सरकारी कॉलेजों में दाखिले के लिए जाते हैं और निराश होेकर लौट जाते हैं। मामले में इनसो के प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षामंत्री पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उनका कहना है कि प्राइवेट कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए शिक्षामंत्री ने सीटें बढ़ाने का फैसला वापस ले लिया है। अमर उजाला में 27 जुलाई के अंक में सीटें नहीं बढ़ाने के संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद इनसो के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने शिक्षामंत्री के कार्यालय और उच्चतर शिक्षा विभाग के दफ्तर में बातचीत की तो उन्हें जवाब मिला कि सीटें अभी नहीं बढ़ाई गई हैं।
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इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने बुधवार को जारी बयान में आरोप लगाया है कि शिक्षामंत्री ने अपने रिश्तेदारों के कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का फैसला वापस ले लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकारी कॉलेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाकर दाखिले नहीं किए गए तो सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही, शिक्षा मंत्री का घेराव किया जाएगा। देशवाल ने शिक्षामंत्री आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षामंत्री की तरफ से सरकारी कॉलेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा राजनीतिक जुमला थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी कॉलेजों में सीटें नहीं बढ़ने दी गईं। भाजपा सरकार आने के बाद शिक्षामंत्री की सिफारिश पर इन कॉलेजों को मान्यता दी गई थी। उन्होंने कहा कि एमडीयू से संबद्ध 40 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। प्रदेश में ऐसे कॉलेजों की संख्या लगभग 100 से ज्यादा है। ये कॉलेज छात्रों से महंगी फीस लेकर दाखिला देते हैं। एक दाखिले की फीस कम से कम 40 हजार रुपये होती है, जबकि सरकारी कॉलजों की फीस कम है। इनसो छात्र संघ ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही सरकारी कॉलेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का निर्णय लागू करके कॉलेजों में दाखिले करने के लिए आदेश जारी करने की मांग की।
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ऑडियो में इनसो के प्रदेश अध्यक्ष की यह हुई बातचीत

शिक्षा मंत्री कार्यालय के कर्मचारी से बातचीत

प्रश्न : शिक्षा मंत्री के कार्यालय से बोल रहे हैं?
जवाब : हां जी।
सवाल : इनसो का प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देशवाल बोल रहा हूं। जानना चाह रहा था कि सरकारी कॉलेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का जो बयान शिक्षा मंत्री ने पिछले हफ्ते दिया था क्या उस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया गया है? कॉलेजों में विद्यार्थी दाखिले के लिए जा रहे हैं तो उन्हें लौटा दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि लिखित में कोई आदेश नहीं आया है।
जवाब : कल बात करना। अब पौने छह बज गये हैं, हम तो ऐसे ही बैठे हैं। कल जानकारी लेना। सवाल : इस संबंध में कोई आदेश जारी किया गया है कि नहीं, हम तो इतना ही जानना चाह रहे हैं।
जवाब: इस संबंध में और लोगों ने पूछा है, लेकिन उच्च अधिकारियों से अभी इस बारे में बातचीत नहीं हो पाई है। उनसे बात करने के बाद ही कुछ पता पाएंगे।

डायरेक्टर हायर एजूकेशन दफ्तर के कर्मचारी से बातचीत

प्रश्न: शिक्षा मंत्री ने बयान दिया था कि हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी। इस संबंध में अभी तक कोई नोटिफिकेशन नहीं जारी हुआ?
जवाब: एकदम से ऐसे नहीं हो सकता। मंत्री की घोषणा लागू होने में समय लगता है। अभी ऐसा कोई प्रपोजल हमारे पास नहीं है। बिना लिखित सूचना के कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं कर सकते।
(हायर एजूकेशन आफिस के कर्मचारी को इस बारे में भी नहीं पता कि सरकारी कॉलेज की सीटें बढ़ाने का कार्य सरकार का है, यूनिवर्सिटी प्रशासन का नहीं। इनसो अध्यक्ष ने उनको इस बारे में बताया कि सरकारी कॉलेज की सीटें सरकार बढ़ाएगी, जबकि प्राइवेट और एडिड कॉलेज की सीटें यूनिवर्सिटी बढ़ाती है।)
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