रोहतक। बूंदाबांदी के कारण मौसम में आए बदलाव के साथ ही खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। नागरिक अस्पताल में रोज लगभग 200 बच्चे इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत बच्चे वायरल की चपेट में हैं। इससे ठीक होने में एक सप्ताह तक का समय लग रहा हैं।
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा हैं। सुबह-शाम ठंड का एहसास हो रहा है, वहीं दिन में तेज धूप देखने को मिल रही है, लेकिन लापरवाही बरतने के कारण बच्चों पर मौसम परिर्वतन की मार पड़ रही है। बच्चों को अभी से गर्मी के कपड़े पहनाना शुरू कर दिया है। खाने-पीने में भी ख्याल नहीं रख पा रहे। इस कारण से गले में खराश के और खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सिविल अस्पताल में लगभग 200 बच्चे इलाज करवाने के लिए आ रहे है इनमें से लगभग 160 बच्चे वायरल की चपेट में देखने को मिल रहे हैं। इससे ठीक होने में लगभग एक सप्ताह तक का समय लग रहा हैं।
वायरल के कारण
सुबह-शाम ऊनी कपड़े नहीं पहनना, पसीने के दौरान में पानी पीना, फर्श पर नंगे पर उतरना, ठंडा गर्म ज्यादा खाने से शरीर के तापमान का संतुलन बिगड़ने के कारण, वायरल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
ऐसे करें बचाव
सुबह-शाम ऊनी कपड़े पहनना, गर्मी में बाहर से आकर अचानक ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, बच्चों को जूते9चप्पल पहनाकर ही खेलने देना चाहिए, ठंडी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए, वायरल के लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकों से इलाज करवाना चाहिए।
वर्जन
मौसम में बदलाव के समय बच्चों की देखभाल करने में चूक रहे हैं। इस कारण से बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके लिए मौसम में बदलाव के समय परिजनों को बच्चों की देखभाल करनी चाहिए।
- डॉ. रोहित कपूर, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।