26-रोहतक नई अनाज मंडी में फैले गेहूं को झाड़ू से इकट्ठा करता मजदूर। संवाद
रोहतक। मंगलवार देर रात हुई बारिश से अनाज मंडी में शेड के बाहर पड़ा गेहूं भीग गया। इनको तिरपाल ढककर बचाने का प्रयास किया गया लेकिन तिरपाल पर्याप्त नहीं था। शेड के बाहर पड़ा गेहूं बहकर सड़क पर आकर दूर तक पड़ा मिला। अब गेहूं को सुखाना पड़ेगा। बुधवार को श्रमिक गेहूं इकट्ठा करते नजर आए।
जिले की नई अनाज मंडी में बुधवार को शाम चार बजे तक गेहूं की खरीद नहीं हुई। रोजाना गेहूं की आवक घटकर 500 क्विंटल तक पहुंच गई है। बुधवार को मंडी में 500 क्विंटल की आवक हुई। इसके लिए करीब आठ गेट पास जारी किए गए। इस समय तक मंडी से लगभग 20,000 क्विंटल गेहूं की उठान की गई।
अब तक मंडी मेें 9,69,681 क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 9,13,879 क्विंटल से अधिक गेहूूं खरीदा जा चुका है। खरीदे गए गेहूं में से 4,84,924 क्विंटल गेहूं से अधिक की उठान की जा चुकी है। यह कुल खरीद का लगभग 53 प्रतिशत है।
एक शेड होने से बाहर पड़ा गेहूं भीगा
सांपला। मंडी में गेहूं की खरीद चल रही है लेकिन उठान की समस्या है। उठान धीमा होने के कारण मंडी में गेहूं खुले में पड़ा है। मंगलवार व बुधवार की अल सुबह अचानक तेज आंधी के साथ हुई बारिश से मंडी में पड़ा गेहूं भीग गया। आनन-फानन में कुछ आढ़तियों ने किसी तरह तिरपाल व प्लास्टिक के सहारे फसल को बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज हवा के कारण उन्हें परेशानी हुई। भीगे गेहूं को दोबारा सुखाने के लिए अलग से मशक्कत करनी पड़ेगी। उठान तक गेहूं खुले में पड़ा रहता है। मंडी में एक शेड है जिसकी वजह से ज्यादातर गेहूं खुले आसमान के नीचे डाला जाता है। मंडी में अब तक सवा छह लाख किवंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। 52 प्रतिशत उठान हुआ है।