एमडीयू के आईएचटीएम में हुआ एडवेंचर प्रोग्राम, विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
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तीन मंजिला बिल्डिंग से रस्सियों के सहारे नीचे आना और जांबाज कमांडो की तरफ रस्सियों के जाल पर बिल्डिंग पर ऊपर चढ़ जाना। कुछ ऐसा ही नजारा बृहस्पतिवार को एमडीयू के आईएचटीएम (इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट) में देखने को मिला। कॅरियर काउंसिलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के सहयोग से हुए कार्यक्रम में जोर्बिंग, ट्रंपोलाइन, रैपलिंग, बर्मा ब्रिज, वॉल क्लाइमबिंग एंड प्लाइंग फोक्स आदि इवेंट करवाए गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने कहा कि साहसिक खेलों से आत्मविश्वास बढ़ता है। जीवन में नए जोश एवं उत्साह का संचार होता है। साहसिक खेल हौसलों की उड़ान की राह प्रशस्त करते हैं। इस तरह के कार्यक्रम में मनोरंजन के तौर पर भाग न लें। मामूली सी लापरवाही जान जोखिम में डाल देती है। भारतीय पर्वतारोही संघ नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डीएस गुलिया की देखरेख में साहसिक खेलों में विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस मौके पर आईएचटीएम निदेशक प्रो. आशीष दहिया, सीसीपीसी के निदेशक प्रो. राजकुमार, डॉ. अमित कुमार, रवि कुमार, बालेंद्र कुंडू, आईएचएम रोहतक के प्राचार्य शाहिद हसनैन, आईएचएम पानीपत के विभागाध्यक्ष मनोहर सलवालिया, आईएचएम यमुनानगर के प्राचार्य पीके गुप्ता, बीपीएस महिला विवि खानपुर कलां की डीन प्रो. श्वेता हुड्डा और प्रो. राजीव मौजूद रहे।