दिल्ली डीटीसी में कार्य करने वाले अटायल गांव के व्यक्ति को पीजीआईएमस की वायरोलॉजी लैब ने भी कोविड -19 से ग्रस्त होने की पुष्टि की है। इससे पहले मरीज के पास दिल्ली की जांच रिपोर्ट थी, जिसमें उसे संक्रमित बताया गया था।
वहीं, कोविड-19 पॉजिटिव केस सामने आने के बाद जिलाधीश आरएस वर्मा ने गांव अटायल की प्रशासनिक सीमा को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। इसके साथ लगते पांच गांव दतौड़, नौनंद, गांधरा, कसरेंटी और पाकस्मा को बफर जोन में शामिल किया है। राहत की बात यह है कि मरीज के कांटेक्ट में आए उसके परिजनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। मरीज का दावा है कि वह दिल्ली से आया था, लेकिन उसने स्वयं को अलग रखा था।
डीसी ने सिविल सर्जन को स्क्त्रस्ीनिंग, संदिग्ध मामलों की टेस्टिंग, क्वारंटीन, आइसोलेशन, सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। कंटेनमेंट जोन में हर घर के सभी सदस्यों की स्क्त्रस्ीनिंग व थर्मल स्कैनिंग के लिए टीमें बनाई जाएंगी। स्टाफ को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट मुहैया करवाएंगे। सारे इलाके को सैनिटाइज किया जाएगा। एसडीएम सांपला को ओवरआल इंचार्ज नियुक्त किया गया है जबकि ड्यूटी मजिस्ट्रेट को कंटेनमेंट जोन का सुपरवाइजरी अफसर बनाया है।
बीडीपीओ सांपला गांव अटायल को सैनिटाइज करने वाले स्टाफ को जरूरी उपकरण मुहैया करवाएंगे। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं के अलावा मूवमेंट प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस महकमे से गांव को सील कर नाके लगाने को कहा है। ट्रांसपोर्ट विभाग को सेहतकर्मियों के लिए तीन बसों का प्रबंध करने को कहा है। अटायल के राजकीय वरिष्ठ मध्यमिक विद्यालय को सेहत विभाग की टीमें प्रयोग करेंगी। जिलाधीश ने कंटेनमेंट जोन में निर्बाध बिजली व पेयजल सप्लाई सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी है।