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3 युवकों को फंसाने पर इंस्पेक्टर और एसआई सस्पेंड, डीएसपी को लाइन में भेजा

Wed, 04 Nov 2015 02:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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हत्या के आरोप में तीन निर्दोष युवकों को फंसाने के मामले में नींद से जागे पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
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 एसपी ने महम डीएसपी अमरजीत से दो थानों का चार्ज वापस लेकर उन्हें लाइन में भेज दिया। वहीं, सीआईए 1 इंस्पेक्टर मनोज वर्मा और लाखनमाजरा थाने के पूर्व प्रभारी एसआई संदीप को सस्पेंड कर दिया गया है। संदीप फिलहाल सांपला थाने में तैनात थे।

सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। हत्या जैसे संगीन मामले में तीन निर्दोष युवकों को फंसाने का खुलासा अमर उजाला ने 27 अक्तूबर के अंक में किया था। इस खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और बड़ी कार्रवाई की गई।
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दरअसल, 18 अगस्त की रात को गुड़गांव निवासी युवक विशाल अपनी कार से हिसार की तरफ  जा रहा था। वह लाखनमाजरा क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर खाने के लिए रुका।

इसके बाद न तो विशाल के बारे में कोई सूचना मिली और न ही उसकी कार के बारे में। तीन दिन बाद लाखनमाजरा माइनर में विशाल का शव तैरता हुआ मिला। आरोपियों ने विशाल की हत्या कर उसकी कार, सोने की चेन और अंगूठी लूटी थी।

लाखनमाजरा थाने में अज्ञात के खिलाफ  हत्या का केस दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने बलंभा गांव के तीन युवकों को विशाल की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया।

कार्रवाई के समय लाखनमाजरा थाने के इंचार्ज संदीप कुमार और महम थाना और लाखनमाजरा थाना डीएसपी अमरजीत के चार्ज में था। सूत्रों की मानें तो तीनों युवकों को पकड़ने की कार्रवाई में सीआईए 1 भी शामिल रही। इसी के चलते मनोज वर्मा को भी सस्पेंड किया गया।
सीआईए 2 ने भी किया उच्च अधिकारियों को गुमराह
पूरे मामले में नजर डाली जाए तो पुलिस के उच्च अधिकारियों को सच्चाई की भनक ही नहीं लगने दी गई। जब सीआईए 2 ने हत्या के असली आरोपियों को पकड़ा, तब भी पुलिस के उच्च अधिकारियों को उनके कबूलनामे के बारे में सूचना नहीं दी गई।

दरअसल, 1 अक्तूबर की रात को सीआईए 2 और कलानौर पुलिस ने 6 बदमाशों के एक गिरोह को सरगना सहित दबोचा। इनमें करसौला निवासी पवन उर्फ  बादशाह, प्रदीप, मोखरा निवासी विजय उर्फ  सोनू, रोहित उर्फ  मोटा, सचिन और भिवानी के प्रेमनगर निवासी राजेश उर्फ  धोला शामिल रहे।

गिरोह ने पुलिस रिमांड में लूट की कई वारदातों सहित विशाल मर्डर केस का भी खुलासा कर दिया। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने लूट के इरादे से विशाल की हत्या कर शव नहर मेें फेंक दिया था। कबूलनामे के बाद पुलिस ने हत्याकांड में पकड़े बलंभा निवासी तीनों युवकों को डिस्चार्ज कर दिया।
यूं हुआ खुलासा
हत्या के मामले में तीनों आरोपियों के डिस्चार्ज होने की भनक आरोपी के गांव बलंभा निवासी जयभगवान को लग गई। जयभगवान ने जुलाना थाना के गांव करेला निवासी साधु सरपंच से मिलकर एक निर्दोष युवक के चाचा से उन्हें छुड़वाने के एवज में 10 लाख रुपये हड़प लिए।
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इसके बाद सिविल लाइन थाने में बलंभा निवासी रामकुमार की शिकायत पर जयभगवान उर्फ  डब्बू और साधु सरपंच के खिलाफ  धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।

तब पुलिस ने खुलकर स्पष्ट किया था कि तीनों युवकों को हत्या के मामले में डिस्चार्ज कर दिया गया है। इससे पहले पुलिस दो महीने से मामले को दबाए बैठी थी।
वर्जन-
आमजन का भरोसा नहीं तोड़ सकती पुलिस
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की किसी भी लापरवाही पर सख्ती से निपटा जाएगा। फिलहाल प्राथमिक तौर पर कार्रवाई की गई है।
- शशांक आनंद, एसपी, रोहतक।
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