संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिस शहर के चार जलघरों के टैंकों की सात साल से सफाई ही न हुई हो, वहां से जलापूर्ति कैसी होगी? यह सवाल उनके जमीर को झिंझोड़ने के लिए है, जिनकी अनदेखी से एक लाख लोगों तक काला-पीला पानी पहुंच रहा है। यह पानी लोगों की सेहत के लिए किसी सजा से कम है क्या?
आंकड़े बताते हैं कि शहर में 2.5 लाख किलोमीटर पाइप लाइन बिछी है। इसमें से एक लाख किमी लाइन 20 साल पुरानी है। पुराने शहर में दूषित जलापूर्ति की मुख्य वजह यही है। सीवर लाइन के साथ पड़ी यह वाटर लाइन खस्ताहाल हो चुकी है। दोनों के लीक होने से काला पानी आ रहा है।
इस कारण डेढ़ दर्जन कॉलोनियों के एक लाख लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। साफ पानी के लिए कबीर कॉलोनी, बालकनाथ कॉलोनी, शिव कॉलोनी, रैनकपुरा, खोखराकोट, पाड़ा मोहल्ला, बाबरा मोहल्ला, प्रेम नगर, चुन्नीपुरा, गांधी कैंप आदि इलाकों के लोग सड़कों पर उतर चुके हैं।
प्रदर्शन पर कुछ हफ्ते ठीक पानी मिलता है, फिर बुरा हाल। इसे लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कितने गंभीर हैं, इसकी बानगी जलघरों के टैंकर बताते हैं। यहां के चार जलघरों के टैंकों की सात साल से सफाई ही नहीं हुई। इनमें जमी गाद-मिट्टी व काई देखकर भी वे नजरें फेरे बैठे हैं।
जलघरों से 5.15 लाख लोगों को जलापूर्ति होती है। जन स्वास्थ्य विभाग के अफसर सिर्फ 90 हजार कनेक्शन ही दे सके हैं। अफसरों के मुताबिक, शहर को कुल नौ करोड़ लीटर पानी चाहिए। प्रति व्यक्ति 176 लीटर के हिसाब से आपूर्ति भी होती है लेकिन घरों तक औसतन 80-120 लीटर ही पहुंच पाता है।
सप्लाई का पूरा पानी नहीं पहुंच पाने के पीछे मुख्य वजह पेयजल लाइन का फटा होना और टोंटियों का न होना है। सीवर लाइन के साथ पेयजल लाइन होने से गंदा पानी ही सप्लाई होता है। हैरानी की बात है कि एक, दो, 14 सेक्टरों में भी गंदा पानी ही आ रहा है जबकि यहां दोनों लाइन अलग-अलग हैं।
लोग बताते हैं कि टैंकों से ही पानी गंदा आ रहा है। फिल्टर टैंक तक में गाद भरी है। साफ पानी का मुद्दा नगर निगम सदन की बैठक में भी पार्षदों ने जोर-शोर से उठाया है लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पानी की इस दुर्दशा के कारण लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है।
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यहां के कॉलोनीवासी दे चुके धरना
14 जनवरी 2025 : रैनकपुरा और डेयरी मोहल्ले के लोगों ने जींद बाईपास जाम कर धरना दिया।
4 मई 2025 : कबीर कॉलोनी, बालकनाथ कॉलोनी, शिव कॉलोनी, रैनकपुरा व खोखराकोट के लोगों ने जींद बाईपास रोड जाम किया।
13 अगस्त 2025
: साफ पानी नहीं मिलने पर अमृत कॉलोनी व हरी कॉलोनी के लोगों का धरना।
24 सितंबर 2025 : दूषित पेयजल से परेशान लोगों के लिए कांग्रेसियों का प्रदर्शन।
25 अक्तूबर 2025
: गंदे पानी को लेकर प्रेम नगर में हैफेड रोड पर लोगों ने धरना दिया।
22 नवंबर को 2025
: आंबेडकर कॉलोनीवासियों ने उपायुक्त आवास पर हंगामा किया।
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यह सही है कि शहर के कई इलाकों में साफ पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों की शिकायत पर बीच-बीच में प्रयास किए जाते हैं। अब इसका स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। इसके लिए 17 करोड़ की लागत से 45 किलोमीटर पाइप लाइन बदलने जा रहे हैं। इसका टेंडर प्रक्रिया में है। जलघरों की सफाई के लिए भी योजना तैयार है।
- शिवराज चौहान, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
सीवर मिक्स पानी नलों से आता है। इसकी शिकायत विभाग को कई बार दी है। थोड़े समय तक तो साफ पानी आया लेकिन फिर वही समस्या झेल रहे हैं।
- महेंद्र कुमार, प्रेम नगर
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नलों से अक्सर बदबूदार पीले या काले रंग का पानी ही आता है। वार्ड पार्षद से लेकर अधिकारियों तक को इसकी शिकायत दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- कृष्ण, सलारा मोहल्ला
14...रोहतक के मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर के फिल्टर टैंक में जमी गाद व काई। संवाद
14...रोहतक के मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर के फिल्टर टैंक में जमी गाद व काई। संवाद
14...रोहतक के मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर के फिल्टर टैंक में जमी गाद व काई। संवाद
14...रोहतक के मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर के फिल्टर टैंक में जमी गाद व काई। संवाद
14...रोहतक के मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर के फिल्टर टैंक में जमी गाद व काई। संवाद