गलियों में पानी भरने से ग्रामीण परेशान
बादली। चार दिनों से हो रही बारिश के चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने रेड अलर्ट और चेतावनी जारी की हैं। कई इलाकों में तेज बारिश में प्रशासनिक अधिकारियों ने जलभराव का जायजा लिया। जहां अधिक जलभराव के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं वहीं सरकारी स्कूलों में पानी भरने से छुट्टी करनी पड़ रही है।
लगातार बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया हैं। गलियों से पानी निकासी के साधन भी फेल होने लगे हैं। कई गांवों और गलियों में डीजल इंजन और बिजली की मोटर निरंतर चल रही हैं लेकिन बारिश के सामने कामयाब नहीं हो रहे हैं। बादली गांव में 12 डीजल इंजन और बिजली की मोटर लगी हैं जबकि गुभाना में 4 तरह से पानी निकासी की जा रही है। इसी प्रकार से बुपनियां गांव में पंचायत विभाग की ओर से 8 इंजन लगाए गए है ताकि पानी निकासी हो सके।
किसानों को हो रहा सबसे ज्यादा नुकसान
तेज बारिश के चलते इस मौसम में होने वाली फसलें बाजरा, ज्वार, मक्का, ग्वार के खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो रहा है। खेतों में अधिक जलभराव के चलते बाजरा और मक्का जैसी पकी-पकाई फसलों में सबसे ज्यादा नुकसान है। मक्का के भुट्टो में गलन से फसल में भारी नुकसान किसानों को होने लगा है।
फसलों के नुकसान को लेकर कई किसानों से बात की तो वह बताते हैं कि फसल की बुआई और उसके बाद तक की बारिश से किसानों को लाभ होता हैं लेकिन फसल खेतों में खड़ी होने और पकने के बाद अगर तेज बारिश और खेतों में जलभराव होता हैं तो किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होता हैं।
पानी निकासी को प्राथमिकता
क्षेत्र में बारिश ज्यादा हुई है। मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। जरूरी होने पर घरों से बाहर जाएं। इसके अतिरिक्त प्रशासन की ओर से पानी निकासी के निंरतर प्रयास जारी है। गलियों के साथ खेतों से भी पानी निकासी में अधिकारी जुटे हैं।
डाक्टर रमन गुप्ता, एसडीएम बादली।
फोटो 71: बारिश से खेतों में दूर दूर तक जलभराव की स्थिति।
26जेएनडी38-अष्टधातु से बनी गणपति महाराज की प्रतिमा। संवाद