बादली(बहादुरगढ़)। गर्मी और लू से राहत पाने की आस में युवा दोस्तों के साथ नहरों में नहाने के लिए पहुंच रहे हैं। तैराना नही आता इसके बावजूद नहर में छलांग लगा देते हैं और यही उनके लिए माैत को न्योता देना साबित हो रहा है। हाल ही में कई युवा नहर में माैत की डुबकी लगा चुके हैं। इन घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने माइनर किनारे धारा 144 लगाई गई लेकिन इसके बाद भी यह घटनाएं नहीं थम रही।
बढ़ रहे तापमान में गर्मी से निजात पाने व मौज मस्ती के लिए युवा दोस्तों के साथ नहरों में नहाने पहुंच रहे हैं। दोस्तों के कहने पर नहर में छलांग लगा देते हैं। बुपनियां गांव से बादली और बाढ़सा गांव तक एनसीआर माइनर के किनारे नहाने वालों का जमावड़ा रहता है। सड़क किनारे पर तो युवा पुल पर चढ़कर 15 से 29 फीट से छलांग लगा रहे हैं। पिछले दो माह में चार युवक और किशोर नहर में डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। पुलिस के नहर किनारे गश्त के दावे भी बोने ही साबित हो रहे हैं। अभिभावक भी अपने बच्चों की इस मनमानी से काफी परेशान व भयभीत हैं।
दोस्तों के साथ नहाने गए कुणाल का मिला शव
एनसीआर माइनर में दोस्त के कहने पर उतरे युवक कुणाल का शव मिल गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के सर्च अभियान में शव की तलाश हुई। रविवार को अपने दोस्त के साथ कुणाल माइनर में नहाने के लिए दिल्ली के पालम से एनसीआर माइनर में नहाने आया था जो कि गहरे पानी डूब गया। बादली पुलिस थाना प्रभारी रमेशचंद ने बताया कि फिलहाल कुणाल के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ये हो चुके है हादसे
पिछले वर्ष देवरखाना-बादली गांव के पास चार श्रमिक डूब चुके हैं। बुपनियां रोड पर ट्रक चालक माइनर में डूब गया। इतना ही नहीं दो मासूम बच्चे भी पिछले वर्ष माइनर में डूबकर जान गंवा चुके हैं। दिल्ली और गुरूग्राम में नहाने आए बीटैक के दो छात्र माइनर में डूब गए। माइनर में नहाने से हादसे में हो रहे हैं। कई युवकों की जान जा चुकी है। लुकसर गांव के दो युवक एक साथ माइनर में डूब गए थे।