रोहतक। डोभ गांव के मगन आत्महत्या केस में बुधवार को आरोपी पत्नी दिव्या (हिसार के नारनौंद निवासी) व उसके प्रेमी महाराष्ट्र पुलिस के सिपाही दीपक की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत में बहस हुई। सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी अदालत में आत्मसमर्पण करें।
बचाव पक्ष ने मगन की कहानी को फर्जी करार देकर विरोध किया। एएसजे शैलेंद्र सिंह की कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के बाद याचिका खारिज कर दी। बचाव पक्ष का कहना है कि अदालत के फैसले की कॉपी मिलने पर हाईकोर्ट में अर्जी दायर करेंगे।
अदालत में अर्जी दायर करते हुए दिव्या के वकील ने कहा कि मगन ने ही पत्नी दिव्या को प्राइवेट नौकरी करने के लिए पहले अहमदाबाद भेजा। इसके बाद मुंबई में बार डांसर का काम कराया।
दिव्या की तरफ से मगन के खाते में सात लाख रुपये भेजे गए हैं। मगन ने दो लाख रुपये भेजे या नहीं, यह अभी साबित नहीं हो सका है।
वकील ने कहा कि उल्टा दिव्या को उसकी ससुराल वाले परेशान करते थे। इसके बाद दीपक के वकील ने कहा कि दीपक ने भी मगन को कॉल नहीं की और न ही कोई सीधा जुड़ाव है। यह भी साबित नहीं हुआ है कि वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई। दिव्या ने दीपक को किस बात के पैसे भेजे, यह भी साफ नहीं हो सका है। पीड़ित पक्ष के वकील ने कहा कि दिव्या व दीपक की तरफ से दिए गए तर्क बेबुनियाद हैं। मगन ने गेहूं बेचकर डेढ़ लाख दिए और दो रुपये बैंक खाते में भेजे, जो दीपक का अकाउंट था।