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जिला कष्ट निवारण समिति की 10 को मीटिंग

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जिला कष्ट निवारण समिति की 10 जनवरी को मीटिंग होंगी, जिसमें प्रदेश के गृहमंत्री एवं अपनी कार्यशैली के लिए परिचित अनिल विज लोगों की समस्याएं सुनेंगे। आरोप है कि जिस शिकायत पर प्रशासन छह माह से कोई कार्रवाई नहीं कर रह था, उस पर विज के आने से चार दिन पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एलपीएस के एमडी सहित सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपियों में कर्मचारी भविष्य निधि फंड के अधिकारी भी शामिल हैं।
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यह रहेगा विज के सामने एजेंडा
प्रोफेसर ढिल्लो ने की एफआईआर रद्द करने की मांग
पीजीआईएमएस के सीनियर प्रोफेसर बिजेंद्र सिंह ढिल्लो के खिलाफ सांपला थाने में 2018 के अंदर आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके लिए इस्माईला गांव निवासी ममता ने शिकायत दी थी। ढिल्लो ने एफआईआर को आधारहीन मानते हुए रद्द करने की मांग की है। यह मांग एक साल से लंबित है।
ओमेक्स सिटी में आ रहे बिजली के बिल ज्यादा, अक्तूबर 2018 से समाधान नहीं
ओमेक्स सिटी निवासी मदन सिंह ने अक्तूबर 2018 में शिकायत दी थी कि उसका बिजली का बिल 6.65 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से आता है। उसने अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि, वे तो इतना ही चार्ज लेंगे। बिल जमा नहीं कराया तो कनेक्शन काट देंगे। यह मामला सवा साल से लंबित चल रहा है।
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सात माह बाद भी नहीं हटी हाईटेंशन लाइन
सोनीपत जिले के गांव कथूरा निवासी ओमप्रकाश ने जुलाई 2019 में कमेटी को शिकायत दी थी कि जींद बाईपास पर उसका मकान है, जिसके ऊपर से 11 हजार वोल्ट के तार गुजर रहे हैं। इतना ही नहीं, निगम ने उसके घर के अंदर पोल लगाए हैं, जिसके लिए उसके घर का 700 फीट एरिया निगम ने लिया हुआ है। उसके घर से तीनों पोल हटवाए जाएं। अभी तक यह केस पेंडिंग पड़ा है।
कन्हेली गांव को नहीं मिल रहा पीने का पानी
नौ माह पहले कन्हेली गांव की पंचायत ने कष्ट निवारण समिति को शिकायत दी थी कि उनके गांव की डिग्गी में साइफन से पूरा पानी नहीं आ रहा। इस कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे में कन्हेली की पानी की डिग्गी का कनेक्शन झज्जर रोड स्थित वाटर वर्कर्स में जाने वाले नाले से जोड़ा जाएगा।
बंद सीवरेज लाइन खोली जाए
कृपाल नगर सुधार समिति ने अक्तूबर 2019 को कष्ट निवारण समिति को शिकायत की थी कि उनकी सीवरेज लाइन बंद पड़ी है, जिसे खोला जाए। साथ ही इसे महाबीर कालोनी की लाइन से जोड़ा जाए।
बालंद गांव में रास्ता खुलवाया जाए
बालंद गांव निवासी महेंद्र व प्रवीण ने समिति को शिकायत दी है कि 30 साल पहले गांव में 100-100 गज के प्लाट सरकार द्वारा मिले थे, जो गांव में पानी की डिग्गी के पास हैं। वहां पर प्लाटों के आगे का रास्ता पड़ोसी ने रोक रखा है। न केवल आरोपी वहां पशु बांधते हैं, बल्कि चारदीवारी भी की रखी है। रास्ते को खुलवाया जाए।
लाखनमाजरा की गली की नहीं हो रही शिकायत
महम रोड लाखनमाजरा निवासी भूप सिंह ने शिकायत दी है कि गांव के मरहाली जोहड़ के सामने गली में काफी समय से पानी खड़ा हुआ है। इस कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत रहती है। गांव की पंचायत व बीडीपीओ इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। मार्च 2019 से शिकायत दे रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
बैंक नहीं दे रहा लोन, मैनेजर धमका रहा
लाहली के ग्रामीणों ने शिकायत दी है कि सितंबर 2019 में उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग में अनुसूचित जाति व रोजगार सृजन योजना के तहत सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक से लोन मांगा था, लेकिन बैंक मैनेजर जमीन की फर्द या 3 लाख रुपये की एफडी सहित अन्य दस्तावेज मांग रहा है। वे 27 दिसंबर को मैनेजर से मिले। उन्होंने जल्द अनुदान राशि जारी करने के लिए कहा था, लेकिन अब राशि जारी करने की बजाए धमका रहे हैं।
जवाहर नगर में डेयरी से बीमारियां फैलने का डर
शहर के जवाहर नगर निवासी विनित कुमार ने शिकायत दी है कि कालोनी में दुग्ध की डेयरी है। इससे एरिया में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है, जबकि सरकार ने कन्हेली रोड पर डेयरियों के लिए प्लाट आवंटित कर रखे हैं। डेयरी को वहां शिफ्ट किया जाए।
विनय नगर का रास्ता बनवाया जाए
शहर के विनय नगर निवासी ऋषिपाल ने शिकायत दी है कि विनय नगर में खसरा नंबर 425 रिवेन्यु रास्ता है, जिसका क्षेत्रफल 1720 वर्ग मीटर है। इस रास्ते को रिवेन्यु रिकार्ड के अनुसार बनवाया जाए।
ओमैक्स सिटी में सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं
दिल्ली बाईपास के नजदीक ओमैक्स सिटी निवासी सोमबीर व सुमित ने समिति को शिकायत दी है कि तीन साल से ओमेक्स सिटी में कोई सफाई कर्मचारी नहीं है। सीवरेज लाइन बंद पड़ी रहती हैं। पार्कों की हालत खराब है। बिजली निगम के सरकारी मीटर नहीं लगे हैं। निगम को प्रॉपर्टी टैक्स भी रहे हैं। बावजूद इसके सिटी के लोगों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। एरिया को नगर निगम के हवाले कर सुविधाएं दी जाएं।
एमडीयू ने सिफारिश वाले खिलाड़ियों का किया चयन
इंदिरा कालोनी निवासी पायल सैनी ने 18 दिसंबर 2019 को एमडीयू के रजिस्ट्रार को शिकायत दी थी कि 15 दिसंबर को विवि में बेसबाल टीम के लिए ट्रायल दिया था। इसमें ऐसे खिलाड़ियों का चयन किया गया, जिनकी सिफारिश थी। जिन बच्चों ने मेहनत की, उनकी अनदेखी की गई। मामले की जांच की जाए।
न्यूनतम वेतन नहीं दे रही पीजीआईएमएस की कंपनी
पीजीआईएमएस को मैन पावर उपलब्ध करवा रही निजी कंपनी के कर्मचारियों ने शिकायत दी है कि कर्मचारियों को कंपनी न्यूनतम वेतन न देकर 9 हजार रुपये प्रति माह दे रही है। किसी भी कर्मचारी का पीएफ नहीं काटा जा रहा। न ही ईपीएफ का रिकार्ड उपलब्ध है। ओवर टाइम के लिए अतिरिक्त वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। इस तरह कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
चार साल से कर्मचारियों का पौने सात करोड़ ईपीएफ जमा न देने का आरोप
रोहतक। हिसार रोड स्थित नट बोल्ट कंपनी एलपीएस कंपनी के चेयरमैन एवं एमडी ललित जैन सहित सात लोगों के खिलाफ चार साल से कंपनी के कर्मचारियों का पौने छह करोड़ रुपये ईपीएफ न जमा कराने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों में उनके भाई राजेश जैन, विजय कुमार जैन, फूफेरे भाई दिनेश कुमार जैन सहित ईपीएफ डिपार्टमेंट कमिश्नर परितोष कुमार, इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर पीएस चंदेला व ललित कुमार भी शामिल हैं। मामले में आईपीसी की धारा 406, 420, 409, 418, 120बी व 477ए लगाई गई है।
पुलिस के मुताबिक सिटी थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 11 में शिकायतकर्ता एवं आदर्श उद्योग कर्मचारी संघ के महासचिव चंद्र मोहन ने आरोप लगाया कि उपरोक्त नामजद आरोपियों का कंपनी के प्रबंधन और दिन प्रतिदिन के सभी मामलों में सीधे तौर पर नियंत्रण था। ये सभी वेतन के भुगतान के संदर्भ में सभी निर्णय लेने की शक्ति, भविष्य निधि का कर और स्रोत पर कटौती कर सहित कंपनी के लिए काम करने वाले अन्य सभी को भुगतान कर रहे थे। अक्तूबर 2016 से ललित, दिनेश, विजय और राजेश जैन ने कर्मचारियों के वेतन और वेतन से प्रोविडेंट फंड में योगदान के नाम पर कर्मचारियों के हिस्से में कटौती की, जिसे तुरंत प्रोविडेंट फंड और फैमिली पेंशन फंड मे जमा कराया जाना चाहिए था। आरोप है कि उक्त आरोपियों ने ऐसा नहीं किया। आरोप लगाया कि उक्त आरोपियों ने गलत तरीके से कर्मचारियों को नुकसान पहुुंचाया। भविष्य निधि, वेतन का भुगतान और अन्य पार्टियों का भुगतान रोक कर अपने लिए रुपयों का प्रयोग किया। साथ ही उन्होंने कंपनी की भूमि के स्टॉक और आय की राशि में भी हेराफेरी की।
1000 हजार कर्मचारियों का बकाया है ब्याज के साथ 10 करोड़ का पीएफ
आदर्श उद्योग कर्मचारी संघ के महासचिव चंद्र मोहन ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उक्त आरोपियों के चार प्लांट है। जिसमें एक प्लांट में अक्तूबर 2016 से जुलाई 2018 तक 2 करोड़ 79 लाख, 26 हजार, 108 रुपये का पीएफ बकाया है। दूसरे प्लांट के कर्मचारियों का मई 2017 से जुलाई 2018 तक 3 करोड़, 69 लाख, 60 हजार 264 रुपयों का पीएफ बकाया है। तीसरे प्लांट के कर्मचारियों का फरवरी 2017 से जुलाई 2018 तक 9 लाख 27 हजार 907 रुपये व चौथे प्लांट के कर्मचारियों का जनवरी 2017 से जुलाई 2018 तक 17 लाख 78 हजार, 238 रुपयों का पीएफ बकाया है। कुल मिलाकर करीब 1 हजार कर्मचारियों का करीब 6 करोड़, 75 लाख, 92 हजार, 517 रुपयों का पीएफ है। कर्मचारियों के मुताबिक अगर इसका समय के अनुसार ब्याज भी जोड़ा जाए तो यह 10 करोड़ से भी ज्यादा की राशि बकाया बनती है।
शिकायतकर्ता द्वारा मांगी गई राशि का क्लेम आरपी(रेजूलेशन प्रोफेशनल) के समक्ष पीएफ डिपार्टमेंट एनसीएलटी कोर्ट में विचाराधीन है। जिसकी आगामी तारीख 7 जनवरी को एनसीएलटी चंडीगढ़ में है। एनसीएलटी कोर्ट द्वारा जिसको जिम्मेदारी दी जाएगी, वह कंपनी पीएफ डिपार्टमेंट का भुगतान करेगी। इस शिकायत की जांच पुलिस पहले भी कर चुकी है। जिसमें यह पाया गया है कि कंपनी एनसीएलटी में है।
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- राजेश जैन, उद्योगपति
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